
*महाशिवरात्रि पर सेवा का अनुपम उदाहरण: 21 वर्षों से निरंतर शिवभक्तों को शीतल जल, शरबत व फलों का वितरण*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पांढुर्णा नगर में आस्था, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। अमरावती रोड पर रेलवे फाटक के पास स्थित हनुमान मंदिर के सामने महाशिवरात्रि के अवसर पर विगत 21 वर्षों से लगातार शिवभक्तों की सेवा का पुण्य कार्य जनसहयोग से किया जा रहा है। इस सेवा शिविर के माध्यम से शिवरात्रि पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को शीतल जल, शरबत और विभिन्न प्रकार के फलों का वितरण किया गया।

महाशिवरात्रि के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन एवं पूजन के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं। इस मार्ग से हजारों श्रद्धालु जूना पांढुर्णा स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में दर्शन करने जाते हैं, ऐसे में यात्रा की थकान और गर्मी को देखते हुए यह सेवा शिविर शिवभक्तों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हुआ। सेवा शिविर में भक्तों को ठंडा पानी, शरबत के साथ-साथ चीकू, अंगूर, केला, खजूर सहित अन्य फल वितरित किए गए। श्रद्धालुओं ने इसे महादेव की सेवा के रूप में स्वीकार करते हुए आयोजकों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

इस सेवा कार्य का संचालन सुधीर भाऊ नांदेकर के मार्गदर्शन में किया गया । साथ ही इस पुण्य कार्य में मुख्य कार्यकर्ताओं के रूप में रमेश कड़वे, महादेव कटाने एवं अन्य शिवभक्त सक्रिय रूप से लगे रहे। सेवा कार्य को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने में स्थानीय नागरिकों और भक्तों का भी भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ।
विशेष बात यह रही कि इस सेवा अभियान में बालक-बालिकाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चे भी श्रद्धालुओं को पानी, शरबत और फल वितरित करते नजर आए। यह दृश्य यह संदेश देता है कि धार्मिक पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा और परोपकार का भी पर्व है।
सेवा समिति से जुड़े शिवभक्तों ने बताया कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ शिवभक्तों की सेवा करना भी सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। इसी भावना के साथ यह सेवा अभियान पिछले 21 वर्षों से निरंतर जारी है और भविष्य में भी इसी तरह सेवा का यह क्रम लगातार चलता रहेगा।
महाशिवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर इस प्रकार का आयोजन समाज में धार्मिक आस्था, मानव सेवा और सामूहिक सहयोग की प्रेरणा देता है। श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्यों से समाज में सकारात्मकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।

यह सेवा शिविर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि जूना पांढुर्णा शिव मंदिर की ओर जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए राहत और पुण्य सेवा का केंद्र भी बना।