
ऐतिहासिक गौरव और वनाधिकारों की मांग को लेकर पांढुर्णा में गोंगपा का हुंकार; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा: आज दिनांक 10 फरवरी 2026 को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला इकाई पांढुर्णा द्वारा क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं और सामाजिक अस्मिता से जुड़ी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर एक विशाल रैली और प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष श्री सुनील इरपाची जी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर से भारी संख्या में किसान, युवा, प्रबुद्ध नागरिक और विशेष रूप से मातृशक्ति अपनी पारंपरिक एकजुटता के साथ सम्मिलित हुई। कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचे इस विशाल जनसमूह ने प्रशासन के समक्ष अपनी दो प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से रखा।

ज्ञापन के माध्यम से पहली प्रमुख मांग वनाधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर की गई। जिला अध्यक्ष जी ने प्रशासन को अवगत कराया कि क्षेत्र के अनेक पात्र आदिवासी एवं अन्य पारंपरिक वन निवासी परिवार वर्षों से अपनी काश्त की भूमि के कानूनी पट्टे के लिए प्रतीक्षारत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद पट्टों के वितरण में हो रही देरी स्वीकार्य नहीं है और शासन को अविलंब ज़मीन के पट्टों का आवंटन सुनिश्चित करना चाहिए। इसके साथ ही, क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर और महापुरुषों के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण मांग रखी गई कि शासकीय विज्ञान महाविद्यालय पांढुर्णा का नाम बदलकर ‘जाटबा राजा’ के नाम पर रखा जाए। उन्होंने तर्क दिया कि यह न केवल क्षेत्र की संस्कृति का सम्मान होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ने की प्रेरणा भी देगा।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष जी के साथ जिला संयोजक शंकर जी मसराम, सदस्य जिला प्रभारी पांडुरंग जी धुरवे, जिला सचिव संजय वटके, जिला महासचिव रामकृष्णा इवनाती, अजय वरटी, विनोद गजभीये, दिनेश बागडे, घनश्याम वाहने, दूलीचंद उइके, ब्लॉक अध्यक्ष दलसु जी उइके, रामाराव जी कवड़ेती, रविचंद जी कवड़ेती एवं रामेश्वर जी कवड़ेती प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। साथ ही मातृशक्ति के रूप में संगीता बाई धुर्वे, हीरा बाई सलामे सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री सुनील इरपाची जी ने कहा कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जल-जंगल-ज़मीन और अपने महापुरुषों के स्वाभिमान के लिए सदैव संकल्पित है। कलेक्ट्रेट परिसर में उमड़े इस जन-सैलाब और मातृशक्ति के उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक हो चुका है। पार्टी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई, तो संगठन व्यापक जन-आंदोलन के लिए बाध्य होगा।