
बारा (प्रयागराज)। लालापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरी तरहार में यमुना नदी से हो रहे अवैध बालू खनन ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के समाजसेवी अखिलानंद त्रिपाठी ने उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर बताया कि नदी तट पर भारी मशीनों से बालू निकाला जा रहा है और परिवहन के लिए नया रास्ता तैयार किया जा रहा है, जबकि यह पूरा प्रकरण पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे पहले भी कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा इसी स्थान पर खनन कार्य शुरू करने का प्रयास किया गया था, जिस पर न्यायालय ने रोक लगाई थी। बावजूद इसके, अब दोबारा उसी स्थान पर रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी की मदद से खनन कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि नदी तट से लगातार बालू उठाई जा रही है, जिससे नदी का स्वरूप बिगड़ने के साथ ही आसपास के खेतों और रास्तों को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे रोकने वालों को धमकाने से भी नहीं चूकते। इस पूरे मामले में एसडीएम बारा प्रेरणा गौतम ने बताया कि मामला संज्ञान में आ चुका है। राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपाल,खान अधिकारी प्रयागराज तथा एसओ लालापुर को मौके पर पहुँचकर सघन जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से खनन माफियाओं और प्रशासन के बीच बिल्ली-चूहे का खेल चल रहा है। बार-बार रोक के बावजूद नए- नए तरीके से खनन कार्य फिर शुरू हो जाता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे।
