शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास जरूरी,: मास्टर सुरेंद्र चौहान
अखंड भारत संवाददाता करण सिंह लखेरा गुरुग्राम हरियाणा सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए समाजसेवी भगत मंगतूराम भयराम ट्रस्ट मे प्रवक्ता के तोर पर कार्यरत मास्टर सुरेन्द्र चौहान ने सेंकड़ो विद्यार्थिओं के साथ ऐतिहासिक जगह पर भ्रमण करते हुए बताया कि शिक्षा के साथ साथ एक अध्यापक को विद्यार्थिओं के दूसरे पहलु पर भी कार्य कर उनके सर्वागिन विकाश की तरफ ध्यान देना चाहिए और समय समय पर तरह तरह की गतिविधिओं मे हिस्सा लेते रहना चाहिए ताकि विद्यार्थी विद्यालय एवं शिक्षा को एक बोझ के रूप मे ना समझे और विभिन्न माध्यमो के जरिये कुछ ना कुछ ग्रहण करने की कोशिस करे। मास्टर सुरेन्द्र चौहान ने बताया कि उनके विद्यालय मे जो भी विद्यार्थी श्रेष्ठ कार्य करता है उनको स्कुल के द्वारा प्रोत्साहन मे विशेष मनमोहक ट्रिप व उपहार निशुल्क उपलब्ध कराये जाते है। उन्होंने आगे बताया कि हर विद्यार्थी की सोचने समझने की शक्ति भिन्न होती है और एक अध्यापक को इसी स्तर पर कार्य कर उनका अवलोकन कर उनमे रूचि पैदा करनी चाहिए। जैसे जैसे समय का बदलाव हुआ है उतना ही शिक्षा प्रणाली को बहुत सरल व सहज तरिके का बनाया गया है जिससे ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों मे शिक्षा ग्रहण हो और उनमे रूचि बने।