प्रदेश के 77,247 अतिथि शिक्षक सरकारी स्कूलों में दे रहे सेवाएं, विषयवार आंकड़े आए सामने… 18 वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और सेवा सुरक्षा की उठाई मांग, सरकार से आश्वासन नहीं ठोस आदेश जारी करने की अपील….
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा लोक शिक्षण संचालनालय से सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त आंकड़ों से लगाया जा सकता है। अतिथि शिक्षक पोर्टल 3.0 के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कुल 77,247 अतिथि शिक्षक विभिन्न वर्गों एवं विषयों में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें सबसे अधिक 43,097 शिक्षक माध्यमिक स्तर पर कार्यरत हैं। उक्त जानकारी अतिथि शिक्षक संघ के दीपक राव चव्हाण ने देते हुए बताया कि 18 साल की सेवा के बाद भी भविष्य सुरक्षित नहीं है।
वर्गवार अतिथि शिक्षकों की संख्या 07 अक्टूबर 2026 की स्थिति में प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की वर्गवार स्थिति इस प्रकार है—
वर्ग-1 (उच्च माध्यमिक) :15,127 वर्ग-2 (माध्यमिक) : 43,097 वर्ग-3 (प्राथमिक एवं अन्य) : 19,023 कुल : 77,247 अतिथि शिक्षक।
*विषयवार कार्यरत अतिथि शिक्षकों का विवरण*
वर्ग-1 (उच्च माध्यमिक) के 15,127 शिक्षक जिसमें अंग्रेजी – 1,519 राजनीति विज्ञान – 1,580 रसायन विज्ञान – 1,466 अर्थशास्त्र – 1,441 भौतिक विज्ञान – 1,379 गणित – 1,236 भूगोल – 994 जीव विज्ञान – 868 हिंदी – 2,209 इतिहास – 764 संस्कृत – 649 कृषि – 333 समाजशास्त्र – 314 उर्दू – 20 गृह विज्ञान – 7
वर्ग-2 (माध्यमिक) के 43,097 शिक्षक : जिसमें अंग्रेजी – 15,464 गणित – 10,922 सामाजिक विज्ञान – 8,295 संस्कृत – 3,522 हिंदी – 2,865 जीव विज्ञान – 1,880 क्राफ्ट – 100 शारीरिक शिक्षा – 22 पुस्तकालयाध्यक्ष – 20 (12 एवं 8 के दो अलग-अलग उल्लेख)
वर्ग-3 (प्राथमिक एवं अन्य) के 19,023 शिक्षक : जिसमें सामान्य शिक्षक – 11,787 लैब – 4,687 पीटीआई – 1,485 प्री-प्राइमरी – 326 पुस्तकालयाध्यक्ष – 233 संगीत – 223 आईटी – 227 नृत्य – 55
*18 साल की सेवा के बाद भी भविष्य सुरक्षित नहीं*
एक ओर प्रदेश के 77 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अतिथि शिक्षकों ने प्रदेश सरकार से नियमितीकरण एवं पदस्थापना, समान कार्य-समान वेतन, 12 माह का सेवाकाल, 62 वर्ष तक सेवा सुरक्षा तथा अवकाश की पात्रता सुनिश्चित करने की मांग की है।
अतिथि शिक्षकों की अपील में 27 अक्टूबर की बैठक में बनी सहमति के अनुसार आदेश दीपावली से पूर्व जारी करने, शिक्षा मंत्री द्वारा घोषित सीएल अवकाश तथा मानदेय वृद्धि के आदेश शीघ्र लागू करने की मांग भी शामिल है।
शिक्षकों का कहना है कि महंगाई के दौर में अल्प मानदेय पर परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। वर्षों का अनुभव और शैक्षणिक सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायित्व नहीं मिलना चिंता का विषय है। सरकार को अतिथि शिक्षकों के अनुभव और योगदान को देखते हुए उनके हित में ठोस निर्णय लेना चाहिए। सवाल यह है कि प्रदेश के 77,247 अतिथि शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांगों पर सरकार कब निर्णय लेगी? शिक्षकों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियमितीकरण, सम्मानजनक मानदेय और सुरक्षित भविष्य की गारंटी देने वाले आदेश चाहिए।
