अतिथि शिक्षकों की पात्रता अवधि 3 से बढ़ाकर 6 साल करने की मांग…
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मध्यप्रदेश में वर्षों से शासकीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के हितों को लेकर आजाद अतिथि शिक्षक संघ के जिला संरक्षक दीपक राव चव्हाण ने सरकार से अनुभव आधारित नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 10 से 18_19 वर्ष तक कम मानदेय पर अध्यापन करने वाले शिक्षकों के अनुभव और योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
चव्हाण ने मांग की कि अतिथि शिक्षकों को आरक्षण अथवा अनुभव आधारित लाभ देने के लिए निर्धारित न्यूनतम सेवा अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष की जाए। साथ ही विभागीय परीक्षा आयोजित कर योग्यता और कार्य अनुभव के आधार पर लाभ देने की व्यवस्था बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों को भर्ती प्रक्रिया में उचित अवसर, आयु सीमा में नियमानुसार छूट और अनुभव आधारित लाभ मिलना चाहिए। नए अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर देना जरूरी है, लेकिन वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे शिक्षकों के हितों की अनदेखी भी नहीं होनी चाहिए।
*मुख्यमंत्री से नीति में बदलाव की मांग*
चव्हाण ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अतिथि शिक्षकों की सेवा अवधि, पात्रता, मानदेय और भविष्य की सुरक्षा को लेकर ठोस नीति बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि विभागीय परीक्षा और अनुभव आधारित व्यवस्था से योग्य शिक्षकों को अवसर मिल सकेगा। सरकार को लंबे समय से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा के लिए उचित निर्णय लेना चाहिए।
