शिक्षा, सेवा और सुरक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए दि टारगेट बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने किया सम्मानित….
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। साहित्य के क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक समय से निरंतर सृजनरत मनावर के साहित्यकार संजय वर्मा ‘दृष्टि’ को भारत यूनिटी प्राइड अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राजस्थान के कोटा स्थित दि टारगेट बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से शिक्षा, सेवा और सुरक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रदान किया गया। मंच की ओर से ओमप्रकाश लववंशी ने उन्हें अवार्ड प्रदान कर बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संजय वर्मा ‘दृष्टि’ पिछले 55 वर्षों से साहित्य साधना में सक्रिय हैं। उनकी लगभग पांच हजार काव्य रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं, जबकि 250 साझा काव्य संकलनों में उनकी रचनाओं को स्थान मिला है। वे आकाशवाणी और दूरदर्शन पर भी कई बार अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियां दे चुके हैं। बेटी बचाओ विषय पर आधारित उनकी चर्चित कृति ‘दरवाजे पर दस्तक’ ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई है। बेटियों पर केंद्रित उनकी श्रृंखलाबद्ध रचनाओं को पाठकों का विशेष स्नेह और सम्मान मिला है।
*1151 से अधिक सम्मान, तीन बार वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम*
*‘बेटियों का आंगन’ और ‘बागेश्वर धाम’ काव्य संग्रह प्रकाशित, देश-विदेश में साहित्यिक पहचान*
संजय वर्मा ‘दृष्टि’ की साहित्यिक उपलब्धियों का दायरा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला है। उन्हें विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से 1151 से अधिक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में तीन बार दर्ज होने के साथ गोल्डन बुक, स्टार बुक ऑफ इंटरनेशनल और वर्ल्ड बुक ऑफ योगा सहित विभिन्न रिकॉर्ड मंचों से भी जुड़ा है।
उनकी प्रमुख कृतियों में ‘दरवाजे पर दस्तक’, कहानी संग्रह ‘खट्टे-मीठे रिश्ते’ और कनाडा से प्रकाशित उपन्यास ‘तुम मुझसे झूठ तो नहीं बोल रहे’ शामिल हैं। उनके नए काव्य संग्रह ‘बेटियों का आंगन’ और ‘बागेश्वर धाम’ भी प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी गद्य और पद्य रचनाएं विभिन्न समाचार पत्रों एवं पत्र-पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशित होती रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र ‘हम हिंदुस्तानी’ में एक ही दिन में उनकी 23 लेख-कविताएं प्रकाशित होने का रिकॉर्ड भी उनके नाम बताया गया है। सामाजिक और साहित्यिक संस्थाओं में उनकी निरंतर सहभागिता तथा लेखन के प्रति समर्पण नई पीढ़ी के रचनाकारों को भी प्रेरित करता है। भारत यूनिटी प्राइड अवार्ड मिलने पर साहित्य जगत में हर्ष व्यक्त किया गया।
