हमीरपुर। जिलाधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण एवं पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण, जियो-टैगिंग, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को पर्यावरण संरक्षण के कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि जुलाई माह में वन महोत्सव के दौरान किए गए पौधरोपण में अब तक लगभग 91 प्रतिशत पौधों की ही जियो-टैगिंग हो सकी है। उन्होंने ग्रामीण जलापूर्ति, नमामि गंगे, कृषि, विद्युत एवं सहकारिता सहित कम प्रगति वाले विभागों को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग पूरी करने और इसी माह पोर्टल पर समस्त डेटा फीड करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है, ताकि वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य पूरा हो सके। डीएम ने कहा कि जनपद में वनावरण छह प्रतिशत से भी कम है।
ऐसे में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए। नदी किनारों, नालों और सड़कों के किनारे उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कराने पर भी जोर दिया।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर होगी सख्ती
जिलाधिकारी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश देते हुए नगर निकायों और संबंधित विभागों को जागरूकता अभियान चलाने को कहा। उन्होंने लोगों से बाजार जाते समय जूट या कपड़े का थैला साथ ले जाने और प्रतिबंधित प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने की अपील की।
घर-घर कूड़ा संग्रहण और सफाई पर जोर
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई की समीक्षा करते हुए डीएम ने घर-घर कूड़ा संग्रहण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने, कूड़े को स्रोत पर ही अलग-अलग करने और ठोस अपशिष्ट का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने को कहा।
मौदहा-राठ में बंदरों के लिए विकसित होंगे कपीवन
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों से होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी ने वन विभाग, नगर निकायों और चिकित्सा विभाग सहित संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मौदहा एवं राठ में बंदरों के लिए उपयुक्त आश्रय स्थल यानी कपीवन विकसित करने तथा उनके खान-पान की समुचित व्यवस्था के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करें और जनसहभागिता के माध्यम से जनपद को स्वच्छ एवं हरित बनाने में योगदान दें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी अरविंद कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रिजवाना शाहिद, उपनिदेशक कृषि डॉ. प्रमोद कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी सुबोध जोशी, सूचना अधिकारी सतीश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
