पढ़ाई में कमजोर है तो क्या हुआ, अब टॉपर के साथ ही बैठेगा बच्चा… मनावर-गंधवानी में बिना पंजीयन संचालित कोचिंग सेंटरों की जांच जरूरी, नए नियमों से संस्थानों की जवाबदेही होगी तय….
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। मध्यप्रदेश में कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर अंकुश लगाने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए शासन ने नए नियम जारी किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी मध्यप्रदेश कोचिंग केंद्र (पंजीयन एवं विनियमन) नियम, 2026 के तहत कोचिंग संस्थानों का पंजीयन अनिवार्य किया गया है। नियमों के अनुसार, संस्थानों को निर्धारित 90 दिनों की अवधि में पंजीयन कराना होगा, जिसकी वैधता तीन वर्ष रहेगी। साथ ही, फीस, शिक्षकों की योग्यता, उपलब्ध सुविधाओं और फीस वापसी की नीति जैसी जानकारियां वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होंगी।
*मनावर-गंधवानी में पंजीयन की जांच जरूरी*
मनावर और गंधवानी तहसीलों में संचालित कोचिंग संस्थानों के पंजीयन की स्थिति की जांच करना जरूरी है। क्षेत्र में संचालित कोचिंग सेंटरों की जानकारी जुटाकर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कितने संस्थान नियमानुसार पंजीकृत हैं और कितने बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं। संबंधित विभाग को संस्थानों का सर्वे कराकर नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
*शिक्षकों की योग्यता से लेकर फीस वापसी तक के नियम*
नए नियमों के तहत कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है। सरकारी शिक्षकों के कोचिंग में पढ़ाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। कोचिंग कक्षाएं प्रतिदिन अधिकतम पांच घंटे ही संचालित की जा सकेंगी तथा स्कूल के समय में कक्षाएं चलाने की अनुमति नहीं होगी।
फीस वसूली में पारदर्शिता के लिए अभिभावकों को कम से कम चार किस्तों में फीस जमा करने का विकल्प देना होगा। यदि कोई विद्यार्थी बीच में कोर्स छोड़ता है, तो नियमानुसार शेष फीस 10 दिनों के भीतर लौटानी होगी।
*वेबसाइट पर फीस, योग्यता और सुविधाओं की जानकारी देना अनिवार्य*
नए नियमों के तहत कोचिंग संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर फीस, शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, उपलब्ध सुविधाओं और फीस वापसी की नीति से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को संस्थान की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना तथा कोचिंग व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए भ्रामक विज्ञापन और शत-प्रतिशत चयन की गारंटी जैसे दावों पर भी रोक लगाई गई है।
*सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर*
कोचिंग संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा, हालांकि शौचालय और कपड़े बदलने वाले कक्षों में कैमरे लगाने की अनुमति नहीं होगी। संस्थानों को शुद्ध पेयजल, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक उपचार और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। विद्यार्थियों पर पढ़ाई का अनावश्यक दबाव कम करने के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था तथा हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करना भी जरूरी होगा।
*नियम तोड़ने पर जुर्माना, पंजीयन भी हो सकता है निरस्त*
मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी मध्यप्रदेश कोचिंग केंद्र (पंजीयन एवं विनियमन) नियम, 2026 का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता लाना, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना और संस्थानों की जवाबदेही तय करना है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध जुर्माना लगाने और पंजीयन निरस्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में मनावर और गंधवानी सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटरों की जांच कर नियमों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों के लिए जरूरी होगा।
