5 अक्टूबर 2026, आरा भोजपुर ,बिहार। स्व0 कामेश्वर पोद्दार जी के पुण्य स्मृति एवं विश्व शिक्षक दिवस पर पर्यावरण भारती द्वारा पौधारोपण हुआ।
पौधारोपण का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी सुनील कुमार पोद्दार ने किया। पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक तथा अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण 5 ज से बना है — जल, जमीन, जंगल,जानवर और जन (मानव)।
इन पाँचों का संतुलन आवश्यक है। अन्यथा प्राकृतिक ऑक्सीजन की किल्लत के साथ-साथ प्राकृतिक आपदायें मानव जीवन को प्रभावित करेगी।
पर्यावरण को भगवान भी कहा जा सकता है– भ से भूमि, ग से गगन, व से वायु, आ से आग, न से नीर ( पानी)।इन पाँचों के बिना मानव जीवन संसार में संभव नहीं है। परन्तु मानव जनसंख्या के अत्यधिक वृद्धि के कारण जंगलों की अंधाधुंध कटाई हुई है।
अतः पर्यावरण असंतुलन हुआ है। इसलिए प्रत्येक मानव को कम से कम 10 पेड़ आसपास लगायें।
पितृपक्ष में अपने पूर्वजों के नाम एक पेड़ अवश्य लगायें। स्व0 कामेश्वर पोद्दार जी रसलपुर के धार्मिक एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता थे।
उनके प्रयास से गाँव में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। मंदिर का निर्माण कार्य हुआ।
छुआछूत और भेदभाव को दूर करने के लिए अथक प्रयास स्व0 कामेश्वर पोद्दार ने किया। पितृपक्ष में ऐसे महापुरुष के पुण्य स्मृति में पौधारोपण ही सच्ची श्रद्धांजली है।
पर्यावरण प्रहरी सुनील कुमार ने बताया कि 5 अक्टूबर 1994 को पहली बार युनेस्को के मुख्यालय पेरिस में में विश्व शिक्षक दिवस मनाया गया। इसमें 100 देशों के शिक्षाविद, शिक्षा मंत्री तथा ख्यातिप्राप्त शिक्षाप्रेमी शामिल हुए थे।
इसका उद्देश्य है–" विश्व के शिक्षकों के योगदान,उनके समर्पण भाव, कर्तव्यनिष्ठा को सम्मान तथा प्रोत्साहित करना है "। पर्यावरण भारती के पौधारोपण कार्यक्रम में सुनील कुमार पोद्दार, रामाशीष मेहता, नवनीत, केशव मेहता,पर्यावरण प्रांत टोली सदस्य सुनील मेहता , राम बिलास शाण्डिल्य, हिमालय, सुजीत कुमार प्रिंस, अनिल कुमार इत्यादि ने भाग लिए।
