मंदसौर। पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसौदिया ने
कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह को पत्र लिखकर विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े विषयों के निराकरण की मांग की है।
पत्र में श्री सिसौदिया ने लिखा कि बीते दिनों कलेक्ट्रेट कार्यालय में मौखिक रूप से आपसे चर्चा हुई थी, जिन्हें आपने गंभीरता से सुना था और समाधान का आश्वासन भी दिया था। मैं चर्चा में आए प्रमुख बिंदुओं को लिखित में आपको प्रेषित करते हुए यह उम्मीद और अपेक्षा करता हूं कि जनहित से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान के लिए आप निर्णय करने में सहायक सिद्ध होंगे।
(1) एलची सोसायटी- दलोदा के समीप सोसाइटी का एक वृहद कृषक बहुउद्देशीय सेवा केंद्र भवन बना हुआ है. वह किसी काम नहीं आ रहा है.
क्षेत्र के किसानों ने इस भवन का उपयोग सब्जी मंडी के रूप में दिए जाने का आग्रह किया था. दलोदा कृषि मंडी इस भवन को किराए पर लेकर यह व्यवस्था, सुविधा तथा भवन का किराया देने के लिए भी तैयार है।
(2) ट्रॉमा सेंटर, स्वीकृत राशि 3 करोड़ 80 लाख रूपये, जब मैं विधायक था तव स्वीकृत हुई थी। यह राशि पीआईयू विभाग के पास पड़ी हुई है.
तब ट्रामा सेंटर के लिए भूमि एमआईटी कॉलेज के पास आवंटित की गई थी, लेकिन वहां शुरू नहीं हुआ, यह तय नहीं हो पा रहा है कि ट्रामा सेंटर मेडिकल कॉलेज परिसर में या जो भूमि आवंटित की गई थी वहां अथवा जिला चिकित्सालय परिसर में निर्माण किया जाए। जिला चिकित्सालय में भी लगभग 2 बीघा का जमीन सीएमएचओ के पुराने बंगले के पास रिक्त पड़ी हुई है.
वहां भी इसका उपयोग हो सकता है। (3) ग्राम आक्या में लगभग 20 वर्षों से 500 मेट्रिक टन का गोदाम सोसाइटी के लिए उपयोग में नहीं आ रहा है, नकली खाद को लेकर एक मामला हुआ था।
जिसमें न्यायालय से निराकरण भी हो चुका है. लेकिन खाद का डिस्पोजल नहीं होने के कारण से वह अनुपयोगी साबित हो रहा है।
(4) रेलवे स्टेशन का मुख्य भाग की चार दुकानें निजी तथा चार दुकानें नगर पालिका की है. इन्हें पास ही आबकारी विभाग के गोदाम की जगह शिफ्ट किया जा सकता है.
जहां आबकारी विभाग का गोदाम अब बंद हो चुका है. इससे यातायात की समस्या समाप्त हो जाएगी तथा रेलवे स्टेशन फ्रंट में आ जाएगा।
(5) शहर की यातायात व्यवस्था अत्यधिक चरमरा गई है. सरदार पटेल चौराहा से आजाद चौक घंटाघर, दया मंदिर मार्ग, सम्राट बाजार, गौतम नगर कालाखेत, तथा नयापुरा रोड पर अत्यधिक यातायात का दबाव है तथा यहां अस्थाई अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है.
सड़क की शोल्डर पर लोडर वाहन बेतर्तिप खड़े हो रहे हैं. उनमें लाउड स्पीकर ध्वनि प्रदूषण भी कर रहे हैं।
(6) सांदीपनि विद्यालय मंदसौर के महारानी लक्ष्मीबाई कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल को संदीपनी विद्यालय में तब्दील कर दिया गया है। बालागंज स्कूल मैदान में प्राइमरी और मिडिल स्कूल लगते है।
यह भवन वर्षों पुराना होकर जर्जर हो गया है। लगभग 11 बीघा जमीन इस परिसर में है।
2 बीघा जमीन में संदीपनी कन्या हाई सेकेंडरी स्कूल का निर्माण हो सकता है, शेष 8 बीघा जमीन खेल मैदान के लिए उपयोग में आ सकती है. तथा बालागंज का प्राइमरी और मिडिल स्कूल गांधी चौराहे पर पुराने महारानी लक्ष्मीबाई विद्यालय में शिफ्ट किया जा सकता है।
नगरी में भी सांदीपनि विद्यालय के लिए भूमि का आवंटन किया जाना आवश्यक है। वहां भी हायर सेकेंडरी स्कूल को सांदीपनि विद्यालय के लिए स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
(7) मैमोग्राफी मशीन जिला चिकित्सालय में जन भागीदारी में लगभग 40 लाख रुपए की लागत की मैमोग्राफी मशीन आ चुकी है। लेकिन वह प्रक्रिया में प्रारंभ नहीं हो पा रही है।
सोनोग्राफी मशीन के लिए भी शासन स्तर से या रोगी कल्याण समिति के माध्यम से चिकित्सक की नियुक्ति की जाना अति आवश्यक है। (8) मृतकों के बंदूक के लाइसेंस योग्य उत्तराधिकारी के स्वीकृति के अभाव में लंबित पड़े हुए हैं।
उनकी बंदूके वर्षों से थानों में बदहाली में पड़ी हुई है. उनके नामांतरण करते हुए उन्हें उनके परिवार की संपत्ति उन्हें दिए जाने की आवश्यकता है।
