जौनपुर (संवाददाता: मनोज कुमार)
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासनिक और सियासी गलियारों में हलचल अचानक तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायतों में तैनात प्रशासकों की व्यवस्था अब चंद दिनों की मेहमान रह गई है और राज्य निर्वाचन आयोग 30 सितंबर को पंचायत चुनावों की आधिकारिक घोषणा कर सकता है।
चार चरणों में मतदान की संभावना, जल्द प्रभावी हो सकती है आचार संहिता
सूत्रों का दावा है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव संपन्न कराने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं:
30 सितंबर को घोषणा की चर्चा: माना जा रहा है कि 30 सितंबर को अधिसूचना जारी होते ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। चार चरणों में चुनाव: प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के चुनाव 4 चरणों में कराए जाने की रूपरेखा तैयार की गई है।
प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त: पंचायतों में प्रशासकीय व्यवस्था हटने के बाद जल्द ही गांव की सरकार सीधे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के हाथों में होगी। जमीनी हकीकत और कानूनी पहलू
राजनीतिक गलियारों और चौपालों पर 30 सितंबर की तारीख को लेकर सरगर्मी जरूर है, लेकिन जानकारों का मानना है कि आरक्षण प्रक्रिया और हाईकोर्ट में विचाराधीन मामलों की स्थिति भी चुनाव कार्यक्रम की अंतिम मुहर में अहम भूमिका निभाएगी।
फिलहाल निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। यदि तय चर्चा के अनुसार बिगुल फूंका जाता है, तो ग्रामीण राजनीति में लंबे समय से जमीन तैयार कर रहे भावी प्रत्याशियों के बीच चुनावी दंगल पूरी रफ्तार पकड़ लेगा।