मौदहा, हमीरपुर। कस्बे के मोहल्ला चौधराना निवासी एक व्यक्ति के अरतरा चौराहे के पास स्थित बंद मकान में चोरी की घटना के मामले में कार्रवाई न होने से परेशान पीड़ित ने अब पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित ने डीआईजी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने, अज्ञात चोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और चोरी गए सामान की बरामदगी कराने की मांग की है। वहीं, चोरी की इस घटना में मकान के पास रहने वाली एक गरीब महिला के बेटी की शादी के लिए रखे पीतल के बर्तन भी चोरी होने की बात सामने आई है।
प्राप्त प्रार्थना पत्र के अनुसार, मोहल्ला चौधराना निवासी मुहम्मद राशिद पुत्र मुहम्मद रफी ने बताया कि अरतरा चौराहे के पास उसके मकान में पांच कमरे बने हुए हैं। वह 12 सितंबर 2026 को मकान बंद करके बाहर गया था।
19 सितंबर को वापस लौटने पर कमरों के ताले टूटे मिले। अंदर जाकर देखा तो घर में रखा कीमती सामान गायब था।
पीड़ित का आरोप है कि अज्ञात चोर कमरों के ताले तोड़कर पीतल, स्टील, लोहे तथा अन्य धातुओं के कीमती बर्तन और घरेलू सामान चोरी कर ले गए। इससे उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
गरीब महिला के बेटी की शादी के लिए रखे बर्तन भी चोरी
पीड़ित ने बताया कि उसके मकान के सामने पास ही एक गरीब महिला रहती है, जिसे पैछईया महिला बताया गया है। महिला का एक लोहे का बक्सा भी वहां रखा हुआ था।
आरोप है कि चोर उस बक्से में रखे परात, भगौना, कंसाड़ी सहित पीतल के अन्य बर्तन भी उठा ले गए। महिला ने ये बर्तन अपनी बेटी की शादी के लिए संभालकर रखे थे।
ऐसे में चोरी की घटना से गरीब महिला को भी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, महिला के चोरी गए सामान और घटना से संबंधित अन्य तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
लगातार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, घटना की सूचना 19 सितंबर को कोतवाली मौदहा में दी गई थी। इसके बाद 22 सितंबर को पुलिस उपाधीक्षक मौदहा और एक अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक हमीरपुर को भी प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई।
पीड़ित का आरोप है कि कई स्तरों पर शिकायत करने के बावजूद अब तक मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और न ही चोरी गए सामान की बरामदगी हो सकी। लगातार शिकायतों के बाद भी सुनवाई न होने से परेशान मुहम्मद राशिद ने 14 अक्टूबर 2026 को पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
उसने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अज्ञात चोरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा चोरी गए सामान की बरामदगी कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामले में क्या कार्रवाई होती है और पीड़ित परिवार सहित गरीब महिला को न्याय मिल पाता है या नहीं।
फिलहाल, मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
