*पीएचसी मांधाता में ‘बाहरी दवा’ का खेल? अस्पताल में दवा मौजूद, फिर भी मरीजों को मेडिकल स्टोर का रास्ता!*
*दवा अस्पताल की, पर्ची बाहर की? पीएचसी मांधाता में मरीजों की जेब पर पड़ रही मार*
*मांधाता में दवा के नाम पर सवालों का बाजार! बाहरी दवाओं के आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग को घेरा*
*ब्रेकिंग न्यूज़ | प्रतापगढ़*
मांधाता के सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती नजर आ रही है। अस्पताल में दवा और इंजेक्शन उपलब्ध होने के बावजूद बाहरी दवाएं लिखे जाने के आरोपों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब सरकारी दवा अस्पताल में मौजूद है, तो मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
स्थानीय स्तर पर कुछ लोग कमीशन के आरोप भी लगा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। सवाल सिर्फ दवा की पर्ची का नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसे का भी है।
दूसरी ओर कटरा गुलाब सिंह अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में MBBS डॉक्टर की तैनाती का मुद्दा भी लोगों के बीच चर्चा में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों की बढ़ती जरूरत के बीच पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ की कार्रवाई पर हैं—क्या पूरे मामले की जांच होगी, बाहरी दवा लिखे जाने के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी और कटरा गुलाब सिंह को MBBS डॉक्टर मिलेगा?
