हमीरपुर। कलेक्ट्रेट सभागार, हमीरपुर में जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं यथा पेयजल, सिंचाई, सड़क, विद्युत आदि की निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब से सीधे आम जनमानस प्रभावित होता है। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने से जनता को आवागमन, पेयजल, विद्युत एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अतः किसी भी स्तर पर कार्यों में अनावश्यक विलंब एवं लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*सेतु निगम के निर्माणाधीन सेतुओं की प्रगति पर स्पष्टीकरण के निर्देश*
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सेतु निगम के अंतर्गत जनपद में निर्माणाधीन विभिन्न सेतुओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन निर्माणाधीन सेतुओं की निर्धारित समयसीमा दिसंबर 2026 तक है, उनके कार्यों को निर्धारित अवधि में पूर्ण कराया जाए। वर्तमान में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने सेतु निगम से कार्यों की वर्तमान स्थिति एवं विलंब के कारणों के संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन ठेकेदारों अथवा कार्यदायी संस्थाओं के कारण कार्यों में विलंब हो रहा है, उनके विरुद्ध अनुबंधीय प्रावधानों के अनुसार पेनल्टी अधिरोपित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
*पीडब्ल्यूडी की विलंबित परियोजनाओं पर कड़ी नाराजगी*
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड, निर्माण खंड-1 एवं निर्माण खंड-2 की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यों में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़क एवं बाईपास निर्माण से जुड़े कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण होना आवश्यक है। कार्यों में देरी होने से आम जनमानस को आवागमन में परेशानी होती है और जनता प्रभावित होती है। इस प्रकार की लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी।
निर्माण खंड-1 की समीक्षा के दौरान संबंधित कार्यों में लगभग 40 प्रतिशत तक विलंब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की प्रगति में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।चंद्रावल नदी की एप्रोच रोड का निर्माण जून 2026 में पूर्ण किया जाना निर्धारित था, लेकिन कार्य अभी तक लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।दोनों पीडब्ल्यूडी खंडों के अधिशासी अभियंताओं, निर्माण खंड-1 एवं निर्माण खंड-2, को अपने-अपने कार्यों में विलंब के संबंध में कारण बताओ नोटिस/स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए।निर्माण खंड-2 की समीक्षा में 10 कार्यों में से 5 कार्य विलंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित एई एवं जेई की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने तथा अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
*सड़कों की गुणवत्ता पर कड़ी फटकार*
जिलाधिकारी ने जनपद की सड़कों की गुणवत्ता की भी बारीकी से समीक्षा की। खराब एवं क्षतिग्रस्त सड़कों तथा घटिया निर्माण कार्यों पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों एवं अन्य निर्माण कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच की जाए। किसी भी निर्माण कार्य में अनियमितता, घटिया सामग्री के प्रयोग अथवा शासकीय धन के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार अथवा कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
*डीएलपी समाप्त होने से पूर्व होगा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण*
सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी सड़क का डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP) समाप्त होने से कम से कम एक सप्ताह पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं तकनीकी टीम द्वारा संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई जाए तथा सड़क की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक पाए जाने के बाद ही डीएलपी से संबंधित कार्रवाई की जाए।
*यूपीपीसीएल की रिपोर्टिंग में विसंगति पर स्पष्टीकरण तलब*
यूपीपीसीएल के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट एवं धरातलीय स्थिति में अंतर को गंभीरता से लिया। समीक्षा में 33 कार्यों को पूर्ण दर्शाए जाने के संबंध में जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था से खराब/भ्रामक रिपोर्टिंग का स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।वहीं यूपीपीसीएल के 27 कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुए पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को कार्य प्रारंभ कराने में तेजी लाने तथा प्रत्येक कार्य की वर्तमान स्थिति एवं कार्य प्रारंभ न होने के कारणों की स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट वास्तविक भौतिक प्रगति पर आधारित होनी चाहिए। कागजी प्रगति और धरातलीय स्थिति में अंतर पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
*विद्युत पोल लगाए जाने के बावजूद वर्षों से केबल लंबित, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश*
विद्युत विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वासा खुर्द, थाना ललपुरा क्षेत्र में 90 विद्युत पोल लगाए जाने के बावजूद पिछले लगभग 10 वर्षों से केबल/तार न डाले जाने का मामला सामने आया। जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बिना पूर्ण कार्ययोजना के विद्युत पोल स्थापित कर कार्य को वर्षों तक अधूरा छोड़ना गंभीर लापरवाही है।उन्होंने निर्देश दिए कि जिस स्तर से कार्ययोजना तैयार की गई थी तथा जिन जिम्मेदार अधिकारियों के कारण कार्य अब तक पूर्ण नहीं हो सका, उनकी भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही लंबित कार्य को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
*पेयजल एवं जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी के निर्देश*
ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर तक नल से जल पहुंचाने के कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों का कार्य पूर्ण होने के तत्काल बाद निर्धारित मानकों के अनुरूप रेस्टोरेशन कराने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को आवागमन में असुविधा न हो।
*नहरों की टेल तक पानी एवं नलकूपों को दुरुस्त करने के निर्देश*
सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नहरों में टेल तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बंद एवं खराब पड़े नलकूपों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने तथा इस संबंध में संबंधित अभियंताओं की जिम्मेदारी निर्धारित करने को कहा।
*बैठक में अनुपस्थित अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश*
बैठक में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता द्वारा प्रतिभाग न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित रहने के संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त करने के साथ ही वेतन रोकने के निर्देश दिए।
*आंकड़ों का भौतिक सत्यापन कर प्रस्तुत करें रिपोर्ट*
जिलाधिकारी ने डीएसटीओ को निर्देशित किया कि विभिन्न विभागों से प्राप्त विकास संबंधी आंकड़ों एवं रिपोर्टों का गहन विश्लेषण करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार उनका भौतिक सत्यापन एवं मिलान कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर प्रस्तुत होने वाली प्रत्येक रिपोर्ट वास्तविक प्रगति पर आधारित एवं तथ्यात्मक होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराए जाएं। कार्यों में अनावश्यक विलंब, घटिया निर्माण, भ्रामक रिपोर्टिंग अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार अथवा कार्यदायी संस्था की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे श्री विजय सिंह, जिला सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड, निर्माण खंड-1 एवं निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा समस्त कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
