मौदहा हमीरपुर। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भैंसता स्थित बुंदेलखंड इको गार्डन में युवा कौशल विकास मंडल द्वारा ICRISAT के सहयोग से उड़द एवं अरहर फसलों के प्रदर्शन को लेकर एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण एवं फील्ड भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 158 किसानों ने प्रतिभाग कर दलहनी फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, बीज प्रणाली, फसल प्रबंधन तथा आय बढ़ाने वाली अन्य लाभकारी फसलों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ICRISAT के सीड सिस्टम प्रोग्राम से सामी ने किसानों को बीज प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेहतर उत्पादन की शुरुआत गुणवत्तापूर्ण बीज से होती है। किसानों तक सही समय पर उन्नत एवं गुणवत्तायुक्त बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर मजबूत बीज प्रणाली विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने उड़द एवं अरहर जैसी दलहनी फसलों में गुणवत्तापूर्ण बीज के चयन, बीज की शुद्धता, उचित भंडारण तथा उन्नत प्रजातियों के उपयोग के महत्व पर चर्चा की। साथ ही किसानों को बताया कि बेहतर बीज और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन को अपनाकर उत्पादन एवं उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. प्रशांत ने किसानों को उड़द एवं अरहर की वैज्ञानिक खेती के संबंध में विस्तृत तकनीकी जानकारी प्रदान की। उन्होंने भूमि एवं बीज का चयन, बीजोपचार, बुवाई की उचित विधि एवं समय, पौधों के बीच उचित दूरी, पोषक तत्व प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोग प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने किसानों को क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप कैश क्रॉप एवं अन्य लाभकारी फसलों की संभावनाओं की भी जानकारी दी और कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों, फसल विविधीकरण तथा उचित बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसान खेती की लागत को नियंत्रित करते हुए अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
युवा कौशल विकास मंडल के सचिव मनोज कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का प्रयास है कि किसानों तक केवल योजनाओं की जानकारी ही न पहुंचे, बल्कि उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की व्यापक और सुगम उपलब्धता भी सुनिश्चित हो।
