*मान्धाता में ‘गवाह’ का खेल या जांच में झोल? ऑनलाइन शिकायत के निस्तारण ने खड़े किए सवाल*
*मान्धाता विकास खंड में ग्राम पंचायत अधिकारी चन्द्र प्रकाश सरोज के द्वारा ऑनलाइन शिकायत के निस्तारण पर उठे सवाल, फर्जी गवाह का आरोप*
प्रतापगढ़। मान्धाता विकास खंड के अंतर्गत एक ग्राम पंचायत में ऑनलाइन शिकायत के निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्र प्रकाश सरोज द्वारा शिकायत के निस्तारण में जिस गवाह का उल्लेख किया गया, उसे कथित तौर पर शिकायत अथवा निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी तक नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ऑनलाइन शिकायत का निस्तारण किस आधार पर किया गया?
शिकायतकर्ता का दावा है कि जांच और निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई तथा कथित रूप से ऐसे गवाह का सहारा लिया गया, जिसे पूरे मामले की जानकारी नहीं थी। इस आरोप ने विकास खंड में ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को लेकर कई प्रधान और ग्रामीण परेशान हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऑनलाइन शिकायत के निस्तारण में दर्ज गवाह वास्तव में कौन था, उसकी मौजूदगी और बयान का सत्यापन कैसे हुआ और जांच अधिकारी ने किन तथ्यों के आधार पर शिकायत का निस्तारण किया?
मामले में निष्पक्ष जांच होने पर ही पूरे प्रकरण की वास्तविकता सामने आ सकेगी।
