डिंडोरी, । सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डिंडोरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती व भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं "श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी" भजन से हुआ।
अध्यक्षीय उद्बोधन में अशोक कुमार अवधिया ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बाल लीलाओं – माखन चोरी, कालिया नाग दमन, गोवर्धन धारण से सभी का मन मोह लिया, इसलिए उन्हें लीलाधर कहा गया। वे योगेश्वर और गीता के माध्यम से कर्मयोग का संदेश देने वाले जगतगुरु हैं।व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" अर्थात् मनुष्य को फल की चिंता किए बिना कर्म करते रहना चाहिए। श्रीकृष्ण प्रेम, करुणा, मित्रता और राजनीति के भी आदर्श हैं। वे योगेश्वर हैं, जगतगुरु हैं। जन्माष्टमी का पर्व हमें सिखाता है कि जब-जब धर्म की हानि होगी, तब-तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेंगे। उनका जीवन हमें सिखाता है कि जीवन में धर्म, प्रेम और कर्तव्य – तीनों का संतुलन आवश्यक है।इस अवसर पर बच्चों ने मटकी फोड़, आकर्षक नृत्य और मनमोहक झांकी प्रस्तुत की। नन्हें-मुन्ने भैया-बहन बाल गोपाल के वेश में आकर्षण का केंद्र रहे।कार्यक्रम में तिलक बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार अवधिया, व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष मनोहर ठाकुर, सह व्यवस्थापक श्रीमती नरबदिया मरकाम, कोषाध्यक्ष श्रीमती सपना जैन, समिति सदस्य राज बिहारी सोनी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रहपुरा के प्राचार्य आलोक जैन, सूर्य कांत गुप्ता, दीपक तिवारी, राजेन्द्र पाठक, संस्था प्रधान देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी एवं प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार पाण्डेय उपस्थित रहे।
प्रतियोगिताओं में विजेता भैया-बहनों को पुरस्कृत किया गया। मंच का सफल संचालन श्रीमती मृणालिनी पाठक दीदी ने किया। अंत में संस्था प्रधान देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी ने आभार व्यक्त किया और कल्याण मंत्र के साथ समापन हुआ।
