

ग्राम जरवाही में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर लोहार बाबा की मडिया में उमडा श्रद्धालुओं का जन सैलाब l
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नवमी के दिन लोहार बाबा की मड़िया में श्रद्धालुओं का भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दूर से पहुंचे भक्तों ने मंदिर में दर्शन कर माता रानी के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।
मंदिर से जुड़े पंडा विश्वकर्मा परिवार के अनुसार, इस प्राचीन मंदिर की स्थापना लगभग 100 वर्ष पूर्व उनके पूर्वज पंडा नत्थूलाल विश्वकर्मा द्वारा की गई थी। यह स्थान जोगनी का अखाड़ा माना जाता है, जहां कालका माता, जोगनी माता, शारदा माता एवं हनुमान जी विराजमान हैं।
- पंडा संतलाल विश्वकर्मा ने बताया कि नवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तों की लगातार भीड़ बनी रहती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर ज्वारे बोते हैं और नवमी के दिन मढ़ा तालाब में उनका विधि-विधान से विसर्जन करते हैं। जवारा जुलूस में काली माता नृत्य करते हुए अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हुए ग्राम भ्रमण करती है लोग जावरा एवं काली माता का जोरों शोरों से स्वागत वंदन अभिनंदन करते हैं
इस धार्मिक आयोजन में मंदिर कार्यकर्ता पंडा संतलाल विश्वकर्मा, अनुराग विश्वकर्मा, कुलदीप विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा, कुंवरलाल रजक, अशोक रजक, मुन्ना कुशवाहा, अशोक कुशवाहा, रामदुलारे कुशवाहा एवं रामलाल रजक, लकी,आयुष विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा।
नवमी के इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला, जहां भक्तों ने भजन-कीर्तन कर माता रानी का गुणगान किया।