


डिण्डौरी:- मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा, जिला डिण्डौरी द्वारा बताया गया कि, थाना शहपुरा जिला डिण्डौरी म.प्र. के अप.क्र. 132/2025 एवं सत्र प्र.क्र. एसटी ST/38/2025 आरोपी दिलीप बनवासी पिता स्वं. धनश्याम बनवासी उम्र 38 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 15 शहपुरा थाना शहपुरा जिला म.प्र. के अन्तर्गत आरोप है कि आरोपी के द्वारा अभियोक्त्री के साथ चरित्र संदेह को लेकर मारपीट करना तथा लाठी हाथ लात मुक्के से मार-मारकर हत्या कि गई । मामले में शिकायत पर थाना शहपुरा, जिला डिण्डौरी म.प्र. द्वारा आरोपी के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना पश्चात चालान न्यायालय में पेश किया गया ।उक्त मामले की सुनवाई करते हुए शिव कुमार कौशल, माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जिला डिण्डौरी द्वारा आरोपी दिलीप बनवासी पिता स्वं. धनश्याम बनवासी उम्र 38 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 15 शहपुरा थाना शहपुरा जिला म.प्र. को 103 (1) भारतीय न्याय संहिता 2023 आजीवन कारावास एवं 1000/- अर्थदण्ड व तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास,धारा 238 (बी) भारतीय न्याय संहिता 2023 में 7 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1000/- अर्थदण्ड व तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।-घटना का संक्षिप्त विवरण-घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, कि प्रार्थी ने रिपोर्ट लेख कराई कि मेरे घर में मेरे पिता दिलीप, मां और मेरे सहित 04 बहने है सबसे बडी मैं हूं । मेरे पापा दिलीप हमेशा मम्मी के साथ चरित्र संदेह को लेकर मारपीट करता रहता था इसी मारपीट के कारण मम्मी अपने मायके चली जाती थी जिसे फिर से लेकर मेरे पापा घर ले आते थे कल दिनांक 01/03/2025 को रात लगभग 11:00 बजे मम्मी घर से बाहर कही जा रही थी तब पापा मम्मी को पकड कर लाया और झगडा विवाद कर मारपीट करने लगा और आंगन में पडे बांस के डण्डे से सिर से लेकर पूरे बदन में मारने लगा मम्मी जमीन में गिर गई तो घसीट-घसीट कर हाथ मुक्का से भी मारने लगा डण्डा हाथ से छूट गया तो वही पडे खपरैल के टुकडे से भी मारा है उसके बाद चाचा आये और बीच बचाव करके पापा को घर से दूर लेकर गये थे उसके बाद मैं और छोटी बहन मम्मी को आंगन से उठाकर घर के अंदर ले जा कर बिस्तर में सुलाये थे लगभग 15-20 मिनट बाद पापा घर वापस आये और गुस्से में मम्मी को सोई हालत में ही हाथ लात मुक्के से मारपीट किया और घर से चला गया उसके बाद मम्मी को हम लोग उठाए तो मम्मी नहीं उठी तब कुछ देर बाद दादी आई और मम्मी को देखी और बताई कि तेरी मम्मी खतम हो गई है । मेरी मम्मी को पापा दिलीप ने जान से मारने की नियत से लाठी हाथ लात मुक्के से मार-मारकर हत्या कर दिया है । रिपोर्ट करती हूं कार्यवाही की जाये । अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाता है। विवेचना में संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।