
*पांढुर्ना में अवैध ले आउट पर प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, जेसीबी से ध्वस्तीकरण*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्ना। नगर क्षेत्र और उससे लगे ग्रामीण अंचलों में लंबे समय से अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। नागरिकों, किसानों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया जा रहा था। समाचार पत्रों में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया गया, लेकिन समय पर ठोस कदम नहीं उठने से अवैध कॉलोनाइजर अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए थे।

सोमवार, 2 फरवरी को प्रशासन ने आखिरकार सख्त रुख अपनाते हुए अवैध लेआउट के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। जिला कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम, राजस्व अमला और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने अमरावती रोड पर बनाए गए अवैध लेआउट में जेसीबी मशीन चलाकर कच्ची सड़कों को नष्ट कर दिया। इसके साथ ही प्लॉट चिन्हांकन के लिए लगाए गए सीमेंट के खंभों को भी हटाया गया।
इसी कार्रवाई के दौरान जवाहर वार्ड में एक किसान की भूमि पर बनाई गई अवैध चारदीवारी की फेसिंग को भी तोड़ा गया। जानकारी के अनुसार यह निर्माण पड़ोसी किसान की जमीन में आंशिक अतिक्रमण कर किया गया था, जिसे लेकर पहले से विवाद चला आ रहा था।
कार्रवाई के समय अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अलका इवका के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी एवं नगर पालिका का अतिक्रमण दल मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैधानिक अनुमति किए गए किसी भी प्रकार के निर्माण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों में अफरा-तफरी का माहौल है। वहीं आम नागरिकों द्वारा यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि शिकायतें मिलने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
एसडीएम अलका इवका ने कहा कि बिना स्वीकृति विकसित किए गए लेआउट में प्लॉट खरीदने वाले स्वयं जोखिम उठा रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों में न तो मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं और न ही भविष्य में वैधानिक मान्यता की गारंटी होती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पांढुर्ना क्षेत्र में अवैध लेआउट और अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।