

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
भजनों के कार्यक्रम में दिखेगी हिन्दू मुस्लिम एकता की मिशाल
मौदहा हमीरपुर। न हो आराम जिस बीमार को सारे जमाने से, उठा ले जाए थोड़ी खाक इनके आस्ताने से, हजरत पीर बाबा के दरबार की मान्यता है कि किसी के भी शरीर में कीडे लग जाएं और सारे डाक्टर जहाँ हाथ खडे कर दें वहीं इनके आस्ताने की खाक यानी मिट्टी लगाने मात्र से कीडे निकल जाते हैं। हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतीक कस्बे सहित क्षेत्र के विख्यात सूफी संत हजरत पीर सुर्खरू बाबा का सालाना उर्स बडी धूमधाम अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाया जा रहा है, जिसमे बुधवार रात नातिया मुशाएरे का आयोजन किया गया जबकि गुरुवार सुबह कुरान ख्वानी और चादर पोशी के साथ लंगर का आयोजन किया गया जबकि देर रात तक मजार पर कव्वालियों की महफिल चलती रही।
कस्बे के मोहल्ला हैदरिया स्थित क्षेत्र के विख्यात सूफी संत हजरत पीर सुर्खरू बाबा का सालाना उर्स बुधवार से शुरू हो गया जिसमें बुधवार को बाद नमाज़ इशा मजार में शानदार नातिया मुशाएरे का आयोजन किया गया जिसमे क्षेत्रीय और बाहरी शायरों ने शानदार कलाम पेश किये। वहीं गुरुवार को सुबह बाद नमाज़ फजिर मजार पर कुरान ख्वानी, दोपहर बाद नमाज़ जोहर लंगर और बाद नमाज़ असर चादर पोशी हुई, चादरपोशी और लंगर में अकीदत मंदों का जनसैलाब उमड पडा।जबकि बाद नमाज़ इशा शानदार कव्वालियों का प्रोग्राम हुआ जो देररात तक चलता रहा जिसमे क्षेत्रीय और बाहरी कव्वालों ने अपनी कव्वालियां पेश की। वहीं शुक्रवार सुबह कुल की फातिहा और बाद नमाज़ जुमा भजनो के कार्यक्रम के साथ तीन दिवसीय उर्स का समापन होगा।