
निर्दोष चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई से रोष
— धार के चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
धार। छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में सिरप पीने से हुई बच्चों की दर्दनाक मृत्यु की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद हादसे पर भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृत बच्चों के परिवारों के प्रति हार्दिक शोक प्रकट किया है। IMA का कहना है कि इस त्रासदी के लिए दवा निर्माता कंपनी एवं औषधि नियामक संस्थाएं सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं, क्योंकि दवा की गुणवत्ता की जांच, स्वीकृति और निगरानी इन संस्थाओं के अधीन आती है। डॉक्टरों को दोषी ठहराना न केवल अनुचित है, बल्कि न्याय के मूल सिद्धांतों के भी विपरीत है।
प्रदेशभर में मंगलवार को सभी चिकित्सकों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर मौन विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने कहा कि सरकार जल्दबाजी में निर्दोष चिकित्सकों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि असली दोषियों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
*धार IMA के पदाधिकारियों ने व्यक्त किया रोष*
डॉ. कमल सिंह चौहान, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन धार ने कहा “यह घटना अत्यंत दुखद है। मृत बच्चों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है, परंतु सरकार का चिकित्सकों को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है।”
डॉ. मितेश महाजन, कार्यकारी अध्यक्ष, IMA धार ने कहा “यह हृदय विदारक घटना पूरे मानव समाज के लिए पीड़ादायक है। सरकार को चाहिए कि दोषी कंपनी और अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करे, न कि निर्दोष डॉक्टरों पर कार्यवाही कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़े।”
डॉ. आशीष डामोर, उपाध्यक्ष, IMA धार ने कहा “यह दुर्घटना संपूर्ण मानवता के लिए चेतावनी है। सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे भविष्य में ऐसी त्रासदियां दोबारा न हों।”
IMA ने सरकार से न्यायोचित, निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्दोष चिकित्सकों पर कार्रवाई जारी रही, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
उक्त जानकारी IMA धार के सचिव डॉ अजेश माइकल ने दी।