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न्यूरिया के पंडरी और आसपास गांवों में बाघ की चलकदमी से ग्रामीणों में दहशत।

पीलीभीत। पीलीभीत में न्यूरिया के पंडरी और आसपास गांवों में करीब दो माह से बाघ की दहशत है। ग्रामीणों को बाघ दिखता है, हमला भी करता है, लेकिन वन विभाग के कैमरों में नजर नहीं आता। चार दिन पहले न्यूरिया क्षेत्र के शिवपुरिया में एक बाघ पकड़ा भी गया। अगले ही दिन एक दूसरे बाघ ने नीलगाय पर हमला किया। पंडरी इलाके में बढ़ती बाघ के हमले की घटनाओं से विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

फरवरी में बाघ ने न्यूरिया थाने के पंडरी निवासी युवक पर हमला कर मार डाला था। ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति आक्रोश जताया और प्रदर्शन किया। निगरानी के लिए विभाग ने कैमरे लगवाने और हाथी से कांबिंग की बात कही। इसके बाद बाघ ने हरिकिशनापुर में एक किशोर पर हमला कर घायल किया।

कई अन्य घटनाएं भी हो चुकी हैं। बाघ की चलकदमी का पता लगाने के लिए वन विभाग ने पंडरी, हरिकिशनपुर व शिवपुरिया पर करीब 14 कैमरे लगवाए हैं। हाथी से कांबिंग भी की लेकिन बाघ की लोकेशन इन कैमरों में कैद नहीं हुई। दो दिन पहले बाघ ने पंडरी से करीब एक किलोमीटर दूर कटना पुलिया के पास नीलगाय पर हमला किया।
बाघ के हमलों से डरे पंडरी के ग्रामीणों ने मतदान न करने की बात कही है। इससे संबंधित एक बैनर भी गांव में लगाया है। सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर शेरसिंह ने बताया कि दो-तीन दिन से बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली है। निगरानी की जा रही है।

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