सारण : हिंदी दिवस के पावन अवसर पर साहित्य, संस्कृति, शिक्षा एवं कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. देशराज बिक्रांत को संयुक्त मानद डॉक्टरेट उपाधि ‘विद्या वाचस्पति’ (Vidya-Vachaspati in the Field of Literature) से अलंकृत किया गया है।
यह प्रतिष्ठित सम्मान संयुक्त गुरुकुल परिषद (United Gurukul Council), सनातन अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक विश्वज्ञानालय तथा इंटरनेशनल एकेडमी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस (International Academy for Human Excellence) द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
संस्थाओं के प्रमुखों—प्रो. डॉ. टीकम सोनी (संस्थापक एवं अध्यक्ष, इंटरनेशनल एकेडमी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस), डॉ. पी. एल. किरकिरे (अध्यक्ष, संयुक्त गुरुकुल परिषद) तथा प्रो. (डॉ.) एस. जे. शांडिल्य (अध्यक्ष, यूजी परिषद व सनातन अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक विश्वज्ञानालय) ने डॉ. देशराज बिक्रांत को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
यह उपाधि डॉ. बिक्रांत को हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्य सृजन, भारतीय संस्कृति के संवर्धन तथा वैश्विक स्तर पर मानवीय उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में उनके अमूल्य व निरंतर योगदान की मान्यता स्वरूप प्रदान की गई है।
इस उपलब्धि पर विभिन्न साहित्यिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के गणमान्य व्यक्तियों, बुद्धिजीवियों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
