सड़क सुरक्षा: डीटीआई अहमद दीन ने स्कूली छात्रों को किया जागरूक, माता-पिता से हेलमेट और लाइसेंस सुनिश्चित करने की अपील
राजेश कुमार पूंछ
पूंछ में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष पहल के तहत, ट्रैफिक पुलिस के डीटीआई (ड्यूटी ट्रैफिक इंस्पेक्टर) अहमद दीन ने स्कूली छात्रों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने यह कदम तब उठाया जब क्षेत्र में चेकिंग के दौरान उन्होंने कई स्कूली छात्रों को बिना हेलमेट, कम उम्र में और बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के तेज रफ्तार से दोपहिया वाहन चलाते हुए देखा।
छात्रों को दी गई मुख्य सलाह:
* हेलमेट का नियमित उपयोग: दोपहिया वाहन चलाते समय सिर की सुरक्षा और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए हमेशा मानक (ISI मार्क) हेलमेट पहनें।
* वैध दस्तावेज: वाहन चलाते समय अपने साथ वैध ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), बीमा (Insurance) और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) रखना अनिवार्य है।
* यातायात नियमों का पालन: ओवरस्पीडिंग से बचें, रेड लाइट और अन्य सिग्नल का सख्ती से पालन करें और कभी भी दोपहिया वाहन पर तीन सवारी (ट्रिपल राइडिंग) न बैठाएं।
माता-पिता से विशेष अपील:
डीटीआई अहमद दीन ने अभिभावकों से सीधे संवाद करते हुए आग्रह किया कि वे अपने नाबालिग और बिना लाइसेंस वाले बच्चों को मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने कहा कि बच्चों की जिद के आगे झुककर उन्हें वाहन देना उनकी जान को खतरे में डालने जैसा है।
उन्होंने माता-पिता से अपील की कि:
* वे यह सुनिश्चित करें कि उनका बच्चा जब भी वाहन चलाए, उसके पास वैध लाइसेंस और हेलमेट जरूर हो।
* बच्चों को कम उम्र में वाहन चलाने की आदत न डालें और उन्हें सार्वजनिक परिवहन या साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
* घर से निकलते समय बच्चों को सड़क सुरक्षा के बुनियादी नियम सिखाएं ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
ट्रैफिक पुलिस का स्पष्ट मानना है कि हादसों को रोकने के लिए केवल चालान काटना ही समाधान नहीं है, बल्कि जब तक समाज, विशेषकर माता-पिता और छात्र स्वयं जागरूक नहीं होंगे, तब तक सड़कों को सुरक्षित नहीं बनाया जा सकता।
