कतरास।
कतरास के कांको स्थित लालचक में कथित अवैध कोयला कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कतरी नदी तट के समीप एक बाउंड्री वॉल के पास कोयला लदा ट्रक पलटने के बाद मौके की गतिविधियों ने कई सवालों को जन्म दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रक पिछले दिन से ही मौके पर पड़ा था और उसे JCB के जरिए हटाने का प्रयास किया जा रहा है। घटना स्थल को तिरपाल से ढकने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि बाउंड्री वॉल के आसपास साइकिल और मोटरसाइकिल के माध्यम से कोयला लाकर जमा किया जाता है। इसके बाद कथित तौर पर रात के समय बड़े वाहनों में कोयला लोड कर दूसरे स्थानों पर भेजा जाता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस तरह की गतिविधियां पिछले करीब दो महीने से चल रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रक पलटने जैसी घटना सामने आने के बाद भी कथित रूप से कोयला लाने-ले जाने की गतिविधियां जारी रहने की बात क्यों सामने आ रही है? यदि मौके पर कोयला मौजूद है, तो उसकी वैधता और स्रोत की जांच किस स्तर पर की गई?
पुलिस और CISF की मौजूदगी पर सवाल
खबर लिखे जाने तक मौके पर पुलिस और CISF के पहुंचने की सूचना नहीं थी। ऐसे में सवाल उठता है कि ट्रक को हटाने की कार्रवाई किसकी निगरानी में की जा रही है और मौके पर मौजूद कोयले की जांच कब होगी?
हालांकि, मौके पर मौजूद कोयला वैध है या अवैध, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। इसी तरह किसी व्यक्ति या गिरोह को इस कथित कारोबार का जिम्मेदार बताना भी जांच के बिना उचित नहीं होगा।
### कौन है कथित कारोबार का मास्टरमाइंड?
लालचक में यदि वास्तव में साइकिल-मोटरसाइकिल के जरिए कोयला जमा कर बड़े वाहनों से बाहर भेजने का नेटवर्क संचालित हो रहा है, तो इसके पीछे कौन लोग हैं? कोयला कहां से आ रहा है, किसके परिसर में जमा हो रहा है और इसे किन वाहनों के जरिए कहां भेजा जा रहा है—इन सवालों के जवाब जांच एजेंसियों की कार्रवाई से ही सामने आ सकते हैं।
बड़ा सवाल:
**ट्रक पलटा, JCB पहुंची और मौके पर कोयला मौजूद है—फिर इसकी जांच और कार्रवाई के लिए पुलिस व CISF का इंतजार क्यों?**
अब निगाहें प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।



