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खंडन एवं कड़ी आपत्ति खंडन एवं कड़ी आपत्ति अखंड भारत न्यूज़ ब्राइट टाइम्स राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक में प्रकाशित उस समाचार का सख्त शब्दों में खंडन और विरोध करता है, जिसमें वायरल ऑडियो प्रकरण से डॉ. रुद्र प्रताप सिंह का नाम बिना किसी आधिकारिक साक्ष्य, पुलिस पुष्टि अथवा सक्षम जांच एजेंसी की रिपोर्ट के जोड़ने का प्रयास किया गया है। किसी भी समाचार का आधार तथ्य, साक्ष्य और आधिकारिक पुष्टि होनी चाहिए, न कि अपुष्ट चर्चाएं, कथित सूत्र या अनुमान। अब तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है, जिससे यह स्थापित हो कि वायरल ऑडियो या उससे जुड़े विवाद में डॉ. रुद्र प्रताप सिंह की कोई भूमिका है। ऐसे में उनका नाम समाचार में शामिल किया जाना गंभीर आपत्ति का विषय है। डॉ. रुद्र प्रताप सिंह एक प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं, जिन्होंने समाज में अपनी अलग पहचान और सम्मान अर्जित किया है। बिना पुष्ट प्रमाण किसी सम्मानित व्यक्ति का नाम विवादों से जोड़ना न केवल उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाता है, बल्कि जिम्मेदार पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें कानून और सक्षम जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। लेकिन बिना प्रमाण किसी का नाम सार्वजनिक करना न्याय, निष्पक्षता और पत्रकारिता—तीनों के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। अखंड भारत न्यूज़ संबंधित समाचार माध्यम से मांग करता है कि वह इस विषय में तथ्यों का निष्पक्ष सत्यापन करे और यदि डॉ. रुद्र प्रताप सिंह का नाम पर्याप्त आधार के बिना प्रकाशित किया गया है, तो तत्काल उसका खंडन अथवा स्पष्टीकरण प्रकाशित कर उनकी प्रतिष्ठा को हुई संभावित क्षति की जिम्मेदारी स्वीकार करे। पत्रकारिता का धर्म तथ्यों को सामने लाना है, किसी सम्मानित नागरिक को अपुष्ट आरोपों के आधार पर विवादों में घसीटना नहीं। – पत्रकार जितेन्द्र सिंह अखंड भारत न्यूज़

खंडन एवं कड़ी आपत्ति
अखंड भारत न्यूज़ ब्राइट टाइम्स राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक में प्रकाशित उस समाचार का सख्त शब्दों में खंडन और विरोध करता है, जिसमें वायरल ऑडियो प्रकरण से डॉ. रुद्र प्रताप सिंह का नाम बिना किसी आधिकारिक साक्ष्य, पुलिस पुष्टि अथवा सक्षम जांच एजेंसी की रिपोर्ट के जोड़ने का प्रयास किया गया है।
किसी भी समाचार का आधार तथ्य, साक्ष्य और आधिकारिक पुष्टि होनी चाहिए, न कि अपुष्ट चर्चाएं, कथित सूत्र या अनुमान। अब तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है, जिससे यह स्थापित हो कि वायरल ऑडियो या उससे जुड़े विवाद में डॉ. रुद्र प्रताप सिंह की कोई भूमिका है। ऐसे में उनका नाम समाचार में शामिल किया जाना गंभीर आपत्ति का विषय है।
डॉ. रुद्र प्रताप सिंह एक प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं, जिन्होंने समाज में अपनी अलग पहचान और सम्मान अर्जित किया है। बिना पुष्ट प्रमाण किसी सम्मानित व्यक्ति का नाम विवादों से जोड़ना न केवल उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाता है, बल्कि जिम्मेदार पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें कानून और सक्षम जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। लेकिन बिना प्रमाण किसी का नाम सार्वजनिक करना न्याय, निष्पक्षता और पत्रकारिता—तीनों के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
अखंड भारत न्यूज़ संबंधित समाचार माध्यम से मांग करता है कि वह इस विषय में तथ्यों का निष्पक्ष सत्यापन करे और यदि डॉ. रुद्र प्रताप सिंह का नाम पर्याप्त आधार के बिना प्रकाशित किया गया है, तो तत्काल उसका खंडन अथवा स्पष्टीकरण प्रकाशित कर उनकी प्रतिष्ठा को हुई संभावित क्षति की जिम्मेदारी स्वीकार करे।
पत्रकारिता का धर्म तथ्यों को सामने लाना है, किसी सम्मानित नागरिक को अपुष्ट आरोपों के आधार पर विवादों में घसीटना नहीं।
– पत्रकार जितेन्द्र सिंह
अखंड भारत न्यूज़

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