A2Z सभी खबर सभी जिले कीमध्यप्रदेश

भोलेनाथ की अनंत कृपा से आलोकित हुआ निलकंठेश्वर भक्ति धाम, 36वीं वर्षगांठ पर उमड़ा आस्था का सागर

कार्यक्रम के संरक्षक विधायक संजय सत्येंद्र पाठक तथा सतना सांसद गणेश सिंह की उपस्थिति ने छेत्री भक्तो का मन जीत लिया

विजयराघवगढ़ की पावन धरती पर स्थित सलैया पडखुरी निलकंठेश्वर भक्ति धाम आज एक धार्मिक नगरी के रूप में विख्यात हो चुका है। यहाँ प्रति वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व दीपावली की भांति उल्लास श्रद्धा और भक्ति के दिव्य प्रकाश से आलोकित होता है। दूर-दराज़ के जिलों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक से भक्तों का सैलाब उमड़ता है गरीब हो या अमीर हर कोई भोलेनाथ की इस पावन धरा पर माथा टेककर अपने जीवन को धन्य मानता है।इस वर्ष धाम की 36वीं वर्षगांठ दो दिवसीय भव्य आयोजन के रूप में मनाई गई। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। हर ओर हर-हर महादेव के जयघोष घनघोर घंटानाद और रुद्राभिषेक की पवित्र ध्वनियाँ वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित कर रही थीं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं कैलाश का आशीर्वाद इस धरा पर उतर आया हो।

प्रथम दिवस: शिव बारात में उमड़ा जनसैलाब
कार्यक्रम के प्रथम दिवस शिवलिंग निर्माण रुद्राभिषेक और भव्य शिव बारात ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस दिव्य अवसर पर
श्रीकांत चतुर्वेदी (मैहर विधायक)विरेंद्र बहादुर सिंह (बड़वारा विधायक) मनीष पाठक (नगर निगम अध्यक्ष)
तथा युवा समाजसेवी यस पाठक सहित अनेक जनप्रतिनिधि शिवभक्ति में लीन होकर शिव बारात में सम्मिलित हुए।शिव बारात की झांकियाँ अद्भुत और अलौकिक थीं। भस्म रमाए भोलेनाथ माता पार्वती गणों की टोली और भक्तों की उमंग सब मिलकर ऐसा दृश्य रच रहे थे मानो त्रेता और द्वापर युग की झलक वर्तमान में साकार हो उठी हो।
द्वितीय दिवस: पूर्णाहुति और संगीत की मधुर सरिता
द्वितीय दिवस गुरु के श्रीचरणों से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ सर्व प्रथम खजुरी ताल वाले गुरुदेव श्री रामाआन्नदा चार्य जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया गुरु वाडी से सभी भक्तो को आशिर्वाद फल प्राप्त हुआ उन्होंने कहा की निलकंठेशवर भक्ति धाम का कड कड शिव भक्ति मे भोलेनाथ का नाम जपते दिखाई दे रहा है। यह पावन धाम अलौकिक और श्रद्धा भक्ति से परिपूर्ण है यहा हमेशा भक्तो पर खुशहाली बनी रहेगी। तदपरांत दोपहर कार्यक्रम का समापन करते हुए पूर्णाहुति ग्रोवर परिवार द्वारा की गयी गौरव पताका के धनी विधायक संजय सत्येंद्र पाठक सतना सांसद गणेश सिंह भाजपा जिला अध्यक्ष दिपक टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहे। पूजा-अर्चना के उपरांत वे संगीत संध्या स्थल पर पहुँचे जहाँ प्रसिद्ध कलाकार
हेमंत ब्रजवासी अपनी मधुर वाणी से भोलेनाथ के भजनों की रसधारा बहा रहे थे। कार्यक्रम के आयोजक शिवभक्त बाबू ग्रोवर ने भावविभोर होकर विधायक संजय सत्येंद्र पाठक व सतना सांसद गणेश सिंह का भव्य स्वागत किया । विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने खुले मंच से कहा कि मदनलाल ग्रोवर जी और बाबू ग्रोवर की भक्ति को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता वे तन मन और धन से भोलेनाथ के श्रीचरणों में समर्पित हैं। उन्होंने हेमंत ब्रजवासी के भजनों की सराहना करते हुए कहा कि विजयराघवगढ़ में अनेक कलाकार आए किन्तु ऐसी मधुर और सरस्वती स्पर्शी वाणी विरले ही सुनने को मिलती है।

भक्ति सेवा और समर्पण का अद्वितीय संगम लाखों श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण विशाल भंडारे की व्यवस्था और धार्मिक अनुष्ठानों का सफल आयोजन यह सब केवल अटूट श्रद्धा और समर्पण से ही संभव है। विधायक ने कहा कि धार्मिक स्थलों का निर्माण और उनकी निरंतर सेवा कोई सामान्य कार्य नहीं यह तपस्या है साधना है और इसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। वही सतना सांसद गणेश सिंह ने कहा की मै भोलेनाथ के दर्शन और बाबू ग्रोवर के स्नेह प्रेम से फलीभूत होकर आता हू यह आयोजन मेरा भी आयोजन है। इस आयोजन से हम सब को कुछ न कुछ सिखने को मिलता है हम सब को निलकंठेशवर भक्ति धाम परिवार से सेवा समर्पण की शिक्षा लेकर इनके तरह परोपकारी और धार्मिक कार्य करने चाहिए। मंदिर परिसर में एक ओर भंडारे की सुगंधित प्रसादी तो दूसरी ओर भजनों की मधुर लहरिया पूरा वातावरण शिवमय हो उठा था। ग्रामीण परिवारों ने मंच से अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक टंडन सतना सांसद गणेश सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आयोजकों की भावुक अभिव्यक्ति
कार्यक्रम की पूर्णाहुति शिवभक्त मदनलाल ग्रोवर, बाबू ग्रोवर और रुद्राक्ष ग्रोवर द्वारा की गई। हजारों भक्त महादेव की पूजा के साक्षी बने। बाबू ग्रोवर ने आभार व्यक्त करते हुए कहा आप सभी भक्तों का स्नेह और आशीर्वाद ही हमारे लिए शक्ति है। माता-पिता मेरे लिए ईश्वर के समान हैं। उनकी प्रसन्नता ही मेरी पूजा है वही मेरे जीवन का प्रसाद है। वे हैं तो मैं हूँ अन्यथा मेरा जीवन तुच्छ है।उनके इन शब्दों ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। श्रद्धा सेवा और संस्कारों की ऐसी अनुपम मिसाल ने निलकंठेश्वर भक्ति धाम को केवल एक मंदिर नहीं बल्कि एक जीवंत आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना दिया है। आज निलकंठेश्वर भक्ति धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आस्था का विराट प्रतीक बन चुका है जहाँ हर वर्ष महाशिवरात्रि पर भक्ति का महासागर उमड़ता है और हर हृदय से एक ही स्वर गूंजता है। जय भोलेनाथ ।जहा हर नर नारी भोलेनाथ के भजनों मे झुमते नाचते है। हर मन ग्रोवर परिवार के कार्यो की प्रसंसा कर्ता है उनकी भावनाओं का सम्मान कर्ता है उन्हे दुआएं देता है।

Related Articles

Show More
Check Also
Close
Back to top button
error: Content is protected !!