
आदर्श आचार संहिता उल्लंघन पर सख्ती: भ्रामक चुनावी कंटेंट मामले में हुसैनाबाद में दर्ज हुई पहली एफआईआर
हुसैनाबाद/ पलामू : हुसैनाबाद नगर पंचायत आम निर्वाचन 2026 के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर भ्रामक एवं पक्षपातपूर्ण कंटेंट प्रसारित करने के मामले में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की गाइडलाइन के तहत हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में पहली प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी निर्वाची पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी पंकज कुमार के लिखित आवेदन पर दर्ज कराई गई है।
हुसैनाबाद थाना कांड संख्या 24/26 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(4), 223, 356(2), 175 एवं 3/5 के अंतर्गत दर्ज की गई है। प्राथमिकी में आरोप है कि वार्ड संख्या 14 से नामांकन रद्द किए गए अभ्यर्थी अजय पासवान एवं निजी एवं गैर-पंजीकृत आरबीसी यूट्यूब चैनल के संचालक/एंकर शेख मुजाहिद ने नगरपालिका चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए चुनावी प्रक्रिया को लेकर भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन बयान सोशल मीडिया पर प्रसारित किए।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 05 फरवरी 2026 को जाति प्रमाण पत्र ससमय प्रस्तुत नहीं करने के कारण अजय पासवान का नामांकन रद्द कर दिया गया था। इसके उपरांत अभ्यर्थी द्वारा एक निजी यूट्यूब चैनल को साक्षात्कार देते हुए यह आरोप लगाया गया कि वार्ड पार्षद को निर्विरोध जिताने के लिए “खेला” किया जा रहा है तथा चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है। प्रशासन ने इन बयानों को चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाला तथा आदर्श आचार संहिता के प्रतिकूल माना है।
इस संबंध में पलामू की पुलिस अधीक्षक रिश्मा रमेशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से सूचीबद्ध अथवा अधिकृत स्रोत के बिना चुनाव से जुड़ी भ्रामक, झूठी या पक्षपातपूर्ण खबरें प्रसारित करना कानूनन अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की गतिविधियों से चुनाव की निष्पक्षता और सार्वजनिक शांति दोनों प्रभावित होती हैं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने तथा सोशल मीडिया पर गलत या भ्रामक कंटेंट फैलाने वालों के विरुद्ध आगे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।