
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

हिंदू सम्मेलन मंडल गणपुर : 2000 हिंदू सभा स्थल पर पहुंचे : समरसता भोज में हुए सम्मिलित
मनावर। जिला धार।। संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर गणपुर मंडल का विशाल हिंदू सम्मेलन गणपुर सिरसी पुनर्वास स्थल पर आयोजित किया गया। सम्मेलन में गणपुर, सिरसी, गोपालपुरा, देवगढ़, सात्तलाई, गांगली, मांडवी आदि गांव के हिंदू सहपरिवार पहुंचे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया। मुख्य अतिथि श्रीमती ज्योती सोनी ने अपने वक्तव्य में कहा कि पँच परिवर्तन और समरसता का भाव हमें रखना होगा। हमे कर्मों के आधार पर जाति में बांटा गया था, लेकिन हम हिंदू है, हम सभी को एक साथ रहने की आवश्यकता है। पर्यावरण पर भी हमें ध्यान देना होगा। मां नर्मदा को भी दूषित करने से बचना होगा। हमारी हिंदू संस्कृतियों को हमे जीवित रखना होगा। गायत्री परिवार से महेश जी ने कहा कि मस्तक पर तिलक हिंदुओं की पहचान है। फैशन के नाम पर आजकल फुहडता परोसी जा रही है। हिंदुओं को रामायण व गीता का पाठ पढ़ना होगा। हम सब एक रहे, मिलकर रहे। घड़ी के कांटे के समान रहे। यदि समय आए तो हम दुश्मनों की 12 भी बजा सकते हैं।

मुख्य वक्ता रामेश्वर चौधरी ने कहा कि भेदभाव की करो विदाई हिंदू हिंदू भाई भाई। उन्होंने कहा कि भारत विश्व गुरु बनने जा रहा है। आज सबसे बड़ी चुनौती धर्मांतरण है। यदि धर्मांतरण को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में हिंदुओं के लिए खतरा साबित होगा। माता बहनों से लव जिहाद से बचने की अपील करते हुए हिंदू भाइयों से ही व्यापार कर सामान खरीदने की बात कही गई।

सम्मेलन में सनातन संस्कृक्ति की मजबूती, सामाजिक समरसता तथा हिंदू एकता को सुदृढ़ करने साथ-साथ संघ द्वारा आह्वान किए गए। पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। यह सम्मान हमारे घर परिवार में होना चाहिए। आज हिंदू समाज एक दीपक की ज्योति के समान जल रहा है। विरोधी ताकतें संगठित हिंदू समाज रूपी दीपक को बुझाने का काम कर रहे है, लेकिन हमें संगठित होकर आने वाली चुनौतियों का सामना करना है।
सन 1925 में परम पूजनीय सरसंघचालक केशव बलिराम हेडगेवारजी ने संघ को हिन्दू सम्मेलन सबकी एक चिरंतन संस्कृति सच की। सम्मेलन रोपित किया वह आज एक वट वृक्ष बन गया है। हम संघ का शताब्दी वर्ष मना रहे हैं। हमें प्लास्टिक के पौधे की पूजा करने वाले प्रकृक्ति के पूजन का महत्व बता रहे हैं। हिंदुओं को जाति में बांटने काम किया जा रहा है। एक व्यक्ति धर्म दिन होता है तो वह एक हिंदू घटा नहीं वह हमारा दुश्मन बन जाता है। भारत भूमि पर देशभक्तों का जन्म हुआ है। महाराणा प्रताप, शिवाजी, महाराज, टंट्या मामा, बिरसा मुंडा जैसे महान क्रांतियो का जन्म हुआ।वह हमारे लिए प्रेरणा देने वाले हैं। संघ के शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन पर हमको चलना है। परिवार में कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता रहना चाहिए। नारी अपनी शक्ति को पहचानें और परिवार को एकजुट रखते हुए अपनी संतानों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा दें ताकि वे बड़े होकर महापुरुषों जैसे भारत को विश्वगुरु बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। कार्यक्रम का संचालन डॉ.अनिल पाटीदार ने किया। आभार अश्विन पाटीदार ने माना।

