
मांडू में आदिवासियों की जमीन को लेकर पूर्व विधायक ने क्या प्रदर्शन
पूर्व विधायक ने कहा उद्योगपतियों को आदिवासियों की जमीन देने के विरोध में सौंपा ज्ञापन
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
मांडू न्यूज/मांडू में बुधवार को आदिवासी समाज ने अपनी जमीन उद्योगपतियों को पर्यटन व्यवसाय के लिए दिए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने मांडू के मुख्य चौराहे पर रैली निकालकर राज्यपाल के नाम नालछा तहसीलदार राहुल गायकवाड़ को ज्ञापन सौंपा।
यह मामला मांडू नगर और आसपास के क्षेत्रों में निवेश योजना के तहत गरीब आदिवासियों की जमीन उनसे छीन जाने के बाद वही मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा उद्योगपतियों को होटल व्यवसाय के लिए पर्यटन विभाग द्वारा लीज पर हस्तांतरित किए जाने से जुड़ा है। कई स्थानों पर होटल व्यवसाय शुरू हो चुका है, जबकि कुछ जगहों पर नई जमीनें दी जा रही हैं।
मांडू के मुख्य चौराहे पर बैठकर धरना प्रदर्शन
इसी के विरोध में मांडू नगर परिषद क्षेत्र और आसपास के आदिवासी वर्ग ने पूर्व विधायक पाचीलाल मेड़ा के नेतृत्व में एक रैली निकाली। नगर में भ्रमण के बाद मांडू के मुख्य चौराहे पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया गया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि आदिवासी परिवार कई पीढ़ियों से मांडू में निवास कर रहे हैं और उन्हें बेदखल किया जा रहा है। उनकी पीढ़ी दर पीढ़ी की मेहनत से तैयार की गई जमीनें, जो उनके भरण-पोषण का मुख्य साधन हैं, उद्योगपतियों को लीज पर दिए जाने से उनके जीवन पर खतरा मंडरा रहा है।
होटल व्यवसाय के कारण वन उपज को खतरा
आदिवासी समाज ने क्षेत्र में जीव-जंतुओं और वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि होटल व्यवसाय के कारण वन उपज जैसे जड़ी-बूटियां, सागवान, गोंद और महुआ जैसे औषधीय वृक्षों को हटाया जा रहा है। यह ज्ञापन प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कलेक्टर और एसडीएम के नाम दिया गया।
