जौनपुर (संवाददाता मनोज कुमार):
जनपद में वर्दी की आड़ में नागरिकों को अगवा कर बंधक बनाने, मारपीट करने और लाखों रुपये की जबरन वसूली व लूटपाट के बहुचर्चित मामले में बड़ी खबर सामने आई है। मामले में वांछित चल रहे सुरेरी थाने के निलंबित पूर्व थानाध्यक्ष (उपनिरीक्षक) दिव्य प्रकाश सिंह ने पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश और 25 हजार रुपये का इनाम घोषित होने के बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है।
विदित हो कि इस सनसनीखेज सिंडिकेट का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस महकमे ने सख्त रुख अपनाया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर ने कर्तव्यहीनता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते दिव्य प्रकाश सिंह को 18 सितंबर 2026 को ही तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
बाद में गिरफ्तारी से बचने और लगातार फरार रहने पर पुलिस प्रशासन ने उन पर और उनके एक अन्य सहयोगी पर 25-25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार घोषित किया था। दोनों घटनाओं का सिलसिलेवार विवरण
एसआईटी और पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने फर्जी क्राइम ब्रांच बनकर दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया था:
जलालपुर थाना प्रकरण (मु0अ0सं0 416/2026):
15 सितंबर 2026 को आरोपी संकीत सिंह पीड़ित को बहला-फुसलाकर ले गया, जहां चार पहिया वाहन में मौजूद अज्ञात लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच बताकर पीड़ित को जबरन गाड़ी में खींच लिया।
रास्ते में मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई और मोबाइल छीनकर यूपीआई व एटीएम के जरिए करीब 2.15 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई। इस संबंध में जलालपुर थाने में धारा 140(3), 308(5), 309(6), 352 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।
सुरेरी थाना प्रकरण (मु0अ0सं0 141/2026):
13 सितंबर 2026 को आरोपी राजेंद्र दूबे ने पीड़ित को फोन कर बुलाया। वहां सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने खुद की पहचान बताकर उसे जबरन वाहन में बैठाया और छोड़ने के एवज में करीब 1.65 लाख रुपये वसूले।
यह रकम यूपीआई के माध्यम से वंशनरायन गिरी के खाते में ट्रांसफर कराई गई थी। मामले में 22 सितंबर को सुरेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
SIT की कार्रवाई में पहले ही सलाखों के पीछे पहुंचे 5 आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आतिश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण व एएसपी/सीओ नगर गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में 5 सदस्यीय विशेष अन्वेषण टीम (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने डिजिटल साक्ष्य और कॉल डिटेल खंगालकर 24 घंटे में आरोपियों को बेनकाब कर दिया था:
गिरफ्तार सिपाही व सहयोगी: पूर्व तैनाती सुरेरी थाने के निलंबित आरक्षी सत्येन्द्र कुमार गौड़, निलंबित आरक्षी विष्णु सिंह (दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित गंभीर धाराएं) और मनीष पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
पहले सरेंडर करने वाले आरोपी: संकीत और विकास (दोनों निवासी मय पहाड़ी पट्टी) ने पुलिसिया दबाव में न्यायालय में समर्पण किया था। सरेंडर के बाद अब रिमांड की तैयारी में पुलिस
मुख्य आरोपी व तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह के न्यायालय में समर्पण करने के बाद अब पुलिस और एसआईटी उन्हें कस्टडी रिमांड पर लेने की विधिक प्रक्रिया में जुट गई है, ताकि जबरन वसूली गई शेष धनराशि, अन्य संलिप्त कर्मियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके।
