जौनपुर (संवाददाता: मनोज कुमार)
जापान में आयोजित एशियन गेम्स के मंच पर जौनपुर के लाल ने देश का तिरंगा शान से लहराया है। पुरुषों की भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) स्पर्धा के कड़े फाइनल मुकाबले में जौनपुर के प्रतिभावान एथलीट रोहित यादव ने 84.35 मीटर की शानदार दूरी नापकर भारत की झोली में कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक डाल दिया।
रोहित की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे जनपद और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। फाइनल में भारतीय भाला फेंकवीरों का दबदबा
प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से पोडियम पर अपनी मजबूत दावेदारी साबित की:
रोहित यादव का दमदार प्रदर्शन: जौनपुर के मीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत अदारी गांव के मूल निवासी रोहित यादव ने अपनी बेहतरीन तकनीक और अंतरराष्ट्रीय अनुभव का इस्तेमाल करते हुए 84.35 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक पक्का किया।
यशवीर को रजत पदक: मुकाबले में भारत की चुनौती को और धार देते हुए यशवीर ने 85.72 मीटर दूर भाला फेंककर रजत (सिल्वर) पदक पर कब्जा जमाया। इस तरह भाला फेंक में भारत को एक साथ दो पदक हासिल हुए।
स्वर्ण पदक: मुकाबले में श्रीलंका के थ्रोअर ने 88.55 मीटर की दूरी के साथ स्वर्ण (गोल्ड) पदक जीता। बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) से है गहरा नाता
मूल रूप से जौनपुर के ग्रामीण अंचल से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले रोहित यादव वर्तमान में वाराणसी स्थित बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) में कार्यरत हैं।
पूर्व में भी कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके रोहित के लिए यह पदक उनके खेल करियर और वापसी के सफर की एक बेहद अहम उपलब्धि माना जा रहा है। पदक जीतने की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव अदारी और जौनपुर जनपद में मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया जा रहा है।
