मनावर बोले एक सुर में—नवोदय चाहिए मनावर में!
जिला रिपोर्टर दिलीप कुमरावत Mob 9179977597
मनावर। जिला धार।। आदिवासी एवं ग्रामीण विद्यार्थियों के भविष्य, सुविधा और क्षेत्रहित में नवीन नवोदय विद्यालय मनावर में ही स्थापित किया जाना चाहिए।।
*मनावर की यही पुकार—नवोदय हो इस बार!*
स्वीकृत नवीन जवाहर नवोदय विद्यालय को तारापुर, तहसील धरमपुरी में स्थापित किए जाने के निर्णय से मनावर सहित आसपास के आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की जनता, विद्यार्थियों और अभिभावकों में निराशा है।
क्षेत्र की जनता का सीधा और स्वाभाविक सवाल है—
*“जब नवोदय विद्यालय का उद्देश्य दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है, तो फिर मनावर क्षेत्र को इससे दूर क्यों रखा जाए?”* हमारा निवेदन किसी क्षेत्र के विरोध में नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुविधा, जनहित और उपलब्ध संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के पक्ष में है। भौगोलिक स्थिति, विद्यार्थियों की पहुंच, स्वास्थ्य सुविधाओं, उपलब्ध भवन, पानी एवं अन्य मूलभूत संसाधनों को देखते हुए मनावर तहसील में नवोदय विद्यालय की स्थापना अधिक व्यावहारिक एवं लाभकारी होगी।
*गांव-गांव की एक ही आवाज—मनावर में नवोदय का आगाज!*
*मनावर को प्राथमिकता दिए जाने के प्रमुख कारण*
1. अत्यधिक दूरी से विद्यार्थियों को परेशानी: गंधवानी विकासखंड के बाग क्षेत्र के अलीराजपुर जिले की सीमा से लगे अंतिम गांवों से तारापुर की दूरी लगभग 120 से 125 किलोमीटर है। इसी प्रकार डही क्षेत्र के अंतिम गांवों से भी तारापुर की दूरी लगभग 120 से 125 किलोमीटर है। इतनी अधिक दूरी के कारण दूरस्थ आदिवासी एवं ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए विद्यालय तक पहुंचना कठिन होगा तथा समय और आवागमन की समस्या बढ़ेगी।
2. स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सुविधा में मनावर बेहतर विकल्प: आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मनावर से बड़वानी लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर है, जहां शासकीय अस्पताल सहित बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। आपात स्थिति में विद्यार्थियों को कम समय में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना संभव होगा।
3. विद्यालय संचालन के लिए भवन उपलब्ध: मनावर में नवोदय विद्यालय के संचालन के लिए आवश्यक भवन उपलब्ध है। अस्थायी कक्षाओं के संचालन की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा सकती है। इससे विद्यालय का संचालन शीघ्र प्रारंभ किया जा सकता है और विद्यार्थियों को इसका लाभ जल्द मिल सकेगा।
4. पर्याप्त जल एवं मूलभूत संसाधन: मनावर में आवासीय विद्यालय के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक पानी की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है। आवासीय विद्यालय के लिए जल, स्वास्थ्य, आवागमन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
5. आदिवासी एवं ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगा वास्तविक लाभ: मनावर एवं आसपास का क्षेत्र आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल है। यहां बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर की तलाश में हैं। मनावर में नवोदय विद्यालय स्थापित होने से इन विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के निकट ही गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा का अवसर प्राप्त होगा।
*जनता की यही मांग—मनावर में नवोदय हो स्थापित आज!*
*मजबूत जनअपील*
“मनावर में ही नवोदय क्यों?” यह केवल एक सवाल नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों की भावना है। हम जनप्रतिनिधियों एवं शासन-प्रशासन से आग्रह करते हैं कि इस विषय को केवल स्थान चयन का मामला न मानकर विद्यार्थियों के भविष्य और आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्र के शैक्षणिक विकास का विषय माना जाए।
स्वीकृत विद्यालय का स्थान अंतिम रूप से तय करने से पूर्व भौगोलिक दूरी, विद्यार्थियों की पहुंच, स्वास्थ्य सुविधाएं, भवन, पानी एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों का निष्पक्ष एवं व्यावहारिक आकलन कराया जाए।
*मनावर की धरती का सम्मान—नवोदय बने बच्चों की पहचान!*
*हमारी स्पष्ट मांग है कि—*
स्वीकृत नवीन जवाहर नवोदय विद्यालय के स्थान की पुनः समीक्षा कर इसे तारापुर, तहसील धरमपुरी के स्थान पर मनावर तहसील में स्थापित किया जाए।
हम जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह करते हैं कि वे दलीय राजनीति से ऊपर उठकर मनावर क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य की आवाज बनें और शासन के समक्ष मजबूती से मनावर में नवोदय विद्यालय स्थापित करने की मांग रखें।
यह मांग किसी क्षेत्र को पीछे करने की नहीं, बल्कि जिस क्षेत्र के विद्यार्थियों को इसकी अधिक आवश्यकता है, वहां सुविधा पहुंचाने की मांग है।
*मनावर में नवोदय—क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव होगी।*
अतः क्षेत्र की जनता, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए नवीन जवाहर नवोदय विद्यालय मनावर तहसील में ही स्थापित करने का निर्णय लिया जाए।।।
