डिंडोरी, 5 सितंबर 2026। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डिंडोरी में आज आचार्य सम्मान समारोह एवं शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुविभागीय अधिकारी राम बाबू देवांगन रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता तिलक बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार अवधिया ने की। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर माँ सरस्वती की वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।।
संस्था प्रधान देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों का परिचय कराया।अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि राम बाबू देवांगन ने कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मोत्सव को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, वे भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति थे, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और लॉर्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति का हमेशा विरोध किया, साथ ही गुरु शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा वर्तमान और भविष्य गुरुओं की दी हुई शिक्षा और उनके बनाए आदर्शों पर चलकर ही प्राप्त होता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में अशोक कुमार अवधिया ने बताया कि लॉर्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति किस प्रकार लोगों को अपने मार्ग से भटका देती है और उसका क्या दुष्परिणाम होता है।
व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जन्मोत्सव को समस्त गुरुजनों को समर्पित कर दिया था और अच्छे शिक्षक का यह परम कर्तव्य है कि वह अच्छे भैया का निर्माण ही नहीं बल्कि अच्छे कुशल नेतृत्व करने वाले और अच्छे व्यक्तित्व का विकास कैसे हो, यह संकल्प लेकर भैया-बहिनों का मार्ग प्रशस्त करें। कोषाध्यक्ष श्रीमती सपना जैन ने अपने उद्बोधन में बताया कि प्रथम गुरु माता, दूसरे गुरु पिता, तीसरे गुरु शिक्षक और चौथे गुरु हमारे धर्म गुरु होते हैं, उन्होंने गुरु शिष्य परंपरा का विस्तार से वर्णन किया और कहा कि गुरुजनों की कृपा से ही हम जीवनपथ पर हमेशा अग्रसर होते हैं और उनके बनाए आदर्श और संस्कार से जीवन को सफल बनाया जा सकता है।
संस्था प्रधान देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि राधाकृष्णन ने अपनी यात्रा एक शिक्षक के पद से प्रारंभ की और उपराष्ट्रपति के पद पर होते हुए भी एक शिक्षक बनकर अपने कर्तव्यों का पालन किया।इस अवसर पर मंच पर व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष श्रीमती सपना जैन, सह व्यवस्थापक श्रीमती नरबदिया मरकाम, समिति सदस्य महेश पाराशर, श्रीमती शिखा राय, श्रीमती ऋतुपर्णा बिलैया, संजय तिवारी, संस्था प्रधान देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी, प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार पाण्डेय एवं सुबखार विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती संतोषी सोनी शासकीय सेवा निवृत्त शिक्षक चेतन दास नागेश, सेवानिवृत्त आचार्य श्रीमती भागवती उपाध्याय, ओम प्रकाश श्रीवास, मुकेश कुमार यादव, नंद किशोर चौकसे, संतू लाल यादव, समस्त आचार्य परिवार और भैया-बहिन उपस्थित रहे। समस्त कार्यक्रम का संचालन किशोर भारती एवं कन्या भारती के भैया-बहिनों द्वारा किया गया।
अतिथि देवो भव की परंपरा के अनुसार मुख्य अतिथि राम बाबू देवांगन का व्यवस्थापक नरेन्द्र सिंह राजपूत ने शाल-श्रीफल देकर सम्मान किया तथा अन्य समिति सदस्यों, आचार्य दीदियों और विद्यालय के सेवक बंधुओं का भी शाल-श्रीफल और पुरस्कार देकर सम्मान किया गया। अंत में आभार प्रदर्शन संस्था प्रमुख देवेन्द्र नाथ चतुर्वेदी ने किया और कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
