
रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना के निर्देशानुसार एवं आयुक्त खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश के आदेशानुसार खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में 31 जुलाई 2026 को खाद्य सुरक्षा प्रशासन के दल ने ग्राम गुजरी, तहसील धरमपुरी स्थित महेश्वरी ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थोक विक्रय के लिए विभिन्न पैकिंग में श्रीमूल ब्रांड घी तथा प्रभूजी ब्रांड इंटरएस्टरीफाइड फेट उपलब्ध पाया गया। संदेह के आधार पर श्रीमूल ब्रांड घी के 15 किलोग्राम टीन पैक, एक किलोग्राम, 200 मिली तथा 30 मिली पाउच पैकिंग एवं प्रभूजी ब्रांड इंटरएस्टरीफाइड फेट के नमूने जांच के लिए लिए गए।
निरीक्षण के दौरान शेष 307 लीटर श्रीमूल ब्रांड घी, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 54 हजार 482 रुपये है तथा 88 किलोग्राम प्रभूजी ब्रांड इंटरएस्टरीफाइड फेट, जिसकी अनुमानित कीमत 39 हजार 180 रुपये है, जब्त कर आगामी आदेश तक विक्रेता की सुपुर्दगी में रखा गया।
अभियान के तहत ग्राम लेबड़ स्थित जय महाकाल डेयरी से मिश्रित दूध, सांवरिया डेयरी से मिश्रित दूध एवं घी, घाटा बिल्लौद स्थित श्रीहरि डेयरी से पनीर, महाकाल डेयरी से घी एवं दही तथा बालाजी इंटरप्राइजेस से अरिहंत ब्रांड घी के नमूने भी जांच के लिए लिए गए। प्राप्त शिकायत के आधार पर धार स्थित बम-बम स्वीट्स से मलाई बर्फी, शक्कर बूरा एवं कोकोनट पाउडर के नमूने भी संग्रहित किए गए।
सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इससे पूर्व 30 जुलाई 2026 को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की चलित खाद्य प्रयोगशाला द्वारा शासकीय माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, शासकीय आदर्श आवासीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मांडव रोड तथा शासकीय नवीन हाईस्कूल धरावरा में खाद्य सुरक्षा एवं मिलावट से बचाव विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को दैनिक उपयोग के खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान, सरल परीक्षण विधियों तथा पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि, बैच नंबर, एफएसएसएआई लोगो एवं लाइसेंस नंबर की जांच करने के संबंध में जानकारी दी गई।
चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से शहर के होटल, रेस्टोरेंट एवं डेयरी संचालकों को भी वर्षा ऋतु में विशेष सावधानी बरतने, स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को ढंककर रखने, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण, व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य तेल का तीन बार से अधिक उपयोग नहीं करने, अखाद्य रंगों का उपयोग नहीं करने, फलों को पकाने के लिए कार्बाइड का उपयोग नहीं करने तथा जूस में कृत्रिम रंग एवं सैक्रीन का उपयोग नहीं करने के संबंध में जागरूक किया गया।
इस कार्यवाही में अभिहित अधिकारी सचिन लौगरिया, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्मला सोमकुंवर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर. जी. माऊटा एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष खेडकर सहित खाद्य सुरक्षा प्रशासन का दल उपस्थित रहा।
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