
जांच और कार्यवाही की मांग तेज
पंचायत प्रतिनिधियों ने की तार फेंसिंग हटाने की मांग
पौधारोपण कार्य में अनियमितताओं के आरोप भी उठे
रिपोर्टर : दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर (धार)। मनावर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत वायल द्वारा वर्ष 2020 में मनरेगा योजना के अंतर्गत सिंगाजी पहाड़ी स्थित सिंगाजी गौशाला के सामने यूनिट क्रमांक 08 एवं 09 में किए गए पौधारोपण क्षेत्र पर वन विभाग द्वारा तार फेंसिंग कर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच एवं उपसरपंच ने 22 जून 2027 को भाजपा धार जिला ग्रामीण जिलाध्यक्ष चंचल पाटीदार के माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेड़ा को ज्ञापन सौंपकर फेंसिंग हटाने की मांग की गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेड़ा ने वन मंडलाधिकारी, वन मंडल धार को पत्र लिखकर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई एवं तार फेंसिंग हटाने की अनुशंसा की थी। आरोप है कि अनुशंसा के बावजूद अब तक फेंसिंग नहीं हटाई गई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत वायल ने मनरेगा योजना के तहत पौधारोपण कराया था, जबकि वर्ष 2022-23 में कुक्षी वन परिक्षेत्र के अधिकारियों द्वारा उसी क्षेत्र में तार फेंसिंग कर दी गई।
इधर, वायल निवासी समाजसेवी दिनेश पटेल ने 5 मई 2024 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर शिकायत क्रमांक 27031440 दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि डही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से प्रभावित वन भूमि के बदले ग्राम वायल की सिंगाजी पहाड़ी पर वर्ष 2022-23 में लगभग 40 हजार पौधे लगाए गए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बड़ी संख्या में पौधे जीवित नहीं रहे, सिंचाई के लिए डाली गई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई तथा गड्ढों की खुदाई मशीनों से कराए जाने के बावजूद मजदूरों के नाम पर राशि निकाली गई। साथ ही परियोजना में वित्तीय अनियमितताओं की भी शिकायत की गई।
शिकायत के बाद मुख्य वन संरक्षक, इंदौर द्वारा जांच दल गठित किया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर डही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के अंतर्गत वैकल्पिक वृक्षारोपण कार्य में लापरवाही एवं अनियमितताएं पाए जाने पर कुल 20,30,163 रुपये की शासकीय हानि निर्धारित की गई। जांच के आधार पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए शासन के नियमानुसार वसूली की कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।
ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पंचायत द्वारा किए गए पौधारोपण क्षेत्र से वन विभाग की तार फेंसिंग हटाई जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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