

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर । कस्बे में संचालित रिमझिम इस्पात में बुधवार की रात क्रेन चालक की हादसे में मौत हो गई। फैक्ट्री प्रबंधन का दावा है कि क्रेन चालक को गंभीर हालत में सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं परिजनों का आरोप है कि प्रबंधन उसे मृत अवस्था में अस्पताल छोड़ कर चले गए है।सौंखर ग्राम प्रधान कप्तान सिंह यादव ने बताया कि उसका चचेरा भाई राजकुमार यादव (32) करीब 12 वर्षों से रिमझिम इस्पात लिमिटेड में क्रेन चलाने का काम कर रहा था। बुधवार की रात में क्रेन चलाते समय वह हादसे का शिकार हो गया और क्रेन का कुंडा उसके सिर पर लग गया। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई।आरोप लगाया कि प्रबंधन परिजनों को सूचना देने की बजाय उसे सीधे जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्राम प्रधान ने बताया कि प्रबंधन की लापरवाही से यह घटना हुई है। अगर समय रहते उसे प्राथमिक उपचार दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। लेकिन प्रबंधन ने परिजनों को सूचना दिए बगैर उसे मृत अवस्था में सदर अस्पताल छोड़ कर चले गए। सदर अस्पताल से सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक हादसे की पूर्ण जानकारी नहीं होगी और उसे मुआवजा नहीं दिया जाएगा। तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। ग्राम प्रधान ने बताया कि समझौते के लिए सदर विधायक डॉ.मनोज कुमार प्रजापति व ब्लॉक प्रमुख जय नारायण सिंह यादव फैक्ट्री पहुंच रहे हैं। थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल का कहना है कि हादसे के चलते चालक के सिर पर चोट लगी है।जिससे उसकी मौत हुई है।शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।मृतक अपने पीछे पत्नी राजकुमारी एवं पुत्र आयुष(8) को रोता बिलखता छोड़ गया है। फैक्ट्री मैनेजर संजीव ने बताया कि मजदूर राजकुमार की काम करते समय खुन की उल्टी हुई अस्पताल भेजा गया जहां उसकी मृत्यु हो गई। कुंदा लगने जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
