अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पांढुर्णा में योग महोत्सव, पतंजलि योग पीठ के तत्वावधान में योग साधकों ने दिखाया उत्साह
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को पतंजलि योग पीठ पांढुरना के तत्वावधान में श्री संत जगनाडे महाराज सांस्कृतिक सभागृह में भव्य योग महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक एवं योग संगठनों के पदाधिकारियों, साधकों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर योग के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान न्यास, पतंजलि योग समिति, पतंजलि महिला योग समिति, किसान सेवा समिति एवं भारत युवा संगठन के जिला प्रभारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही तेली समाज जिला अध्यक्ष भूषण केवटे, महिला अध्यक्ष देविका भांगे सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने भी सहभागिता की। आयोजन में लगभग 115 साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।

योग महोत्सव का विशेष आकर्षण राम शांति विद्या मंदिर की कक्षा 7वीं की छात्रा कु. रिद्धि सुले रहीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग स्पर्धा में द्वितीय स्थान प्राप्त करने के बाद अपने उत्कृष्ट योग प्रदर्शन से उपस्थितजनों का मन मोह लिया। उनके प्रदर्शन की सभी ने सराहना की।
इसी क्रम में जिले के पिपला नारायणवार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में योग गुरु रमेशसिंह हसेंगर के मार्गदर्शन में 55 साधकों ने योगाभ्यास किया। वहीं गायत्री शक्ति पीठ पांढुरना में योगीराज वानोडे द्वारा योग सत्र आयोजित कर लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया गया।
श्री संत जगनाडे महाराज सभागृह में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का संचालन योग शिक्षक राधेश्याम पराणी ने किया। जबकि योगाभ्यास का संचालन पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी रविंद्र कुर्वे ने कराया। उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए नियमित योगाभ्यास अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान कई साधकों ने योग से प्राप्त स्वास्थ्य लाभों और सकारात्मक अनुभवों को साझा किया। नंदा घाटोडे, छाया सांबारे, भारती सुले, देविका भांगे, गोरेलाल साहू, नत्थू फरकसे, ज्ञानेश्वर केवटे एवं सोनिराम शिरसागर ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से उनके स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस योग महोत्सव ने स्वस्थ एवं निरोगी समाज के निर्माण का संदेश देते हुए लोगों को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

