A2Z सभी खबर सभी जिले की

पर्यावरण दिवस क़े दिन अमेठी में हुवा भव्य कार्यक्रम

विश्व पर्यावरण दिवस पर महिला किसानों ने लिया हरित क्रांति का संकल्प”हरित एवं सतत भविष्य के लिए मिलकर आगे बढ़ें” विषय पर आयोजित जागरूकता शिविर में हुआ वृक्षारोपण, ओजोन संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर हुई विस्तृत चर्चाअमेठी, 05 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पानी संस्थान एवं RNPF के सहयोग से ग्रामीण प्रगति संस्थान द्वारा संचालित मौसम परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत अहद के पंचायत भवन परिसर में महिला किसानों के लिए एक भव्य पर्यावरण जागरूकता शिविर एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “हरित एवं सतत भविष्य के लिए मिलकर आगे बढ़ें” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, कृषि पर मौसम परिवर्तन के प्रभाव तथा ओजोन परत संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों एवं अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्री अनिल कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसका संरक्षण करने का आह्वान किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ग्रामीण प्रगति संस्थान के सचिव श्री राम प्रकाश ने कहा कि मौसम परिवर्तन का सर्वाधिक प्रभाव किसानों पर पड़ रहा है। अनियमित वर्षा, बढ़ता तापमान एवं प्राकृतिक आपदाएँ कृषि उत्पादन को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मौसम परियोजना का उद्देश्य किसानों को जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाना है।पानी संस्थान के श्री सुखविंदर सिंह ने जल संरक्षण, भूजल संवर्धन तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में समुदाय की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल और जंगल दोनों का संरक्षण भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।साथी संस्थान के श्री विराट पाण्डेय ने वनीकरण, जैव विविधता संरक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण ही ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने का प्रभावी उपाय है।क्षेत्रीय समन्वयक श्री हरिओम पाण्डेय ने जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि क्षेत्र में आ रहे बदलावों तथा किसानों द्वारा अपनाई जाने वाली अनुकूलन रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी।विशेष आमंत्रित अतिथि श्री बलराम मिश्रा, महिला खादी ग्राम्य सेवा संस्थान, बाराबंकी ने अपने संबोधन में ओजोन परत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाने वाली प्राकृतिक सुरक्षा ढाल है। उन्होंने क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) एवं अन्य प्रदूषक गैसों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ओजोन संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।कार्यक्रम में उपस्थित महिला किसानों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, अतिथिगण एवं प्रतिभागियों द्वारा पंचायत भवन परिसर में आम, महुआ, नीम, आँवला, अमरूद एवं जामुन के पौधों का रोपण किया गया।कार्यक्रम में बीडीसी सदस्य, ग्राम पंचायत के पीआरआई सदस्य, ग्रामीण प्रगति संस्थान के श्री रमाकांत, श्रीकांत तथा मौसम परियोजना से जुड़े कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।अंत में सभी प्रतिभागियों को वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का समापन “हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ हुआ।

प्रदीप मिश्रा अखंड भारत न्यूज़

गौरीगंज अमेठी

Related Articles
Show More
Back to top button