

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597
मनावर। जिला धार।। धैर्य, परिश्रम और सच्ची लगन हो तो असंभव भी संभव हो जाता है इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है विकासखंड मनावर के संकुल केंद्र टोंकी अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय भगवानपुरा ने।
आमतौर पर सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर समाज में बनी धारणाओं को यहां के शिक्षक कैलाश बर्मन एवं शिक्षिका शारदा डावर ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और नवाचार से बदलकर रख दिया है। यहां के बच्चे न केवल फर्राटेदार अंग्रेजी पढ़ते हैं, बल्कि उसका सटीक हिंदी अर्थ भी आत्मविश्वास के साथ बता देते हैं।
गणितीय संक्रियाओं के साथ साथ पहाड़ों में भी इनकी पकड़ मजबूत है।तीस और पैंतीस तक के पहाड़े बच्चे सहजता से सुना देते हैं। यह सब देखकर अतिथिगण अभिभूत नजर आए।
सोमवार को स्वामी विवेकानंद जयंती एवं एक समाचार पत्र के कैलेंडर विमोचन समारोह के अवसर पर विद्यालय में भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पत्रकार, समाजसेवी कैलाश मुकाती रहे। अध्यक्षता बीआरसीसी किशोर कुमार बागेश्वर ने की। विशेष अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त शिक्षक तुकाराम पाटीदार, भागीरथ राठौड़, सरपंच दिनेश ठाकुर, समाजसेवी कैलाश शर्मा, जनशिक्षक हुकुमचंद अगल्चा, सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोयल, नबिया गोयल एवं सचिव नारायण बालेश्वर उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। स्वागत भाषण शिक्षक कैलाश बर्मन ने दिया। कार्यक्रम का संचालन राम शर्मा परिंदा ने किया। रमेश मंडलोई, लालू चौहान, शिवराम मंडलोई सहित शिक्षिका शारदा डावर का विशेष योगदान रहा।
अतिथियों ने बच्चों को स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाए और आत्मनिर्भरता, अनुशासन व लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। विद्यालय परिसर में जुगाड़ से बनी अनोखी मोटरसाइकिल भी आकर्षण का केंद्र रही। इसे देखकर हर कोई सवारी करने और तस्वीर खिंचवाने से खुद को रोक नहीं पाया। इस विद्यालय की विशेषताओं को देखने शिक्षा, पुलिस, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य, राजस्व सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी भी यहां भ्रमण कर चुके हैं। कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि यदि शिक्षक संकल्पित हों तो सरकारी विद्यालय भी उत्कृष्टता की मिसाल बन सकते है।