

मध्य प्रदेश: मुख्य मंत्री का मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक
मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा कर निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन का कार्य निर्धारित लक्ष्य से पहले मार्च-2027 तक पूर्ण करें। विगत 10 वर्षों में जिन ग्रामों में जलसंकट रहा, उनकी रिपोर्ट तैयार कर जल प्रदाय सुनिश्चित करें। जल जीवन मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच एवं स्व-सहायता समूहों को सम्मानित किया जाएगा।
दो वर्ष की उपलब्धियाँ-
– स्वच्छ जल से सुरक्षा अभियान में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर।
– राज्य की सभी 155 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल मान्यता प्राप्त
– मध्यप्रदेश में 72% से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध।
– प्रदेश में 80 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।
– एकल नल-जल योजना में 93% कार्य पूर्ण।
– इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के तहत विभाग के सभी भंडारों से सामग्री के आदान-प्रदान की ऑनलाइन व्यवस्था लागू।
– बोरवेल के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मध्यप्रदेश अधिनियम बनाने वाला पहला राज्य।
– इंदौर जिले में IoT आधारित उपकरणों से नियमित दबाव पर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का सफल मॉडल।
– ग्रामीण नलजल योजनाओं के प्रभावी संचालन, संधारण एवं प्रबंधन हेतु नीति का प्रारूप तैयार।
– ट्यूबवेल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर से नवीन नलकूप की जानकारी संकलन, जियोटेंगिग एवं मॉनिटरिंग हेतु ऑनलाइन व्यवस्था।
– नलजल योजनाओं के शत प्रतिशत स्रोतों एवं पानी की टंकियों की जियो-टैगिंग।
– योजनाओं की कार्यशीलता के आंकलन हेतु जलदर्पण पोर्टल।
– योजनाओं की सतत मॉनीटरिंग हेतु जल रेखा मोबाइल ऐप।
– पी.एम. गतिशक्ति पोर्टल पर योजनाओं एवं पाइपलाइन नेटवर्क को रेखांकित करने में मध्यप्रदेश का देश में द्वितीय स्थान।
– समस्त ग्रामों में जल की गुणवत्ता के परीक्षण हेतु महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान।
– 13.69 लाख क्रियाशील घरेलू जल कनेक्शन ।
– 64 ग्रामों में पायलट आधार पर 24×7 जल प्रदाय की व्यवस्था।
आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना-
– पेयजल प्रदाय के तकनीकी अमले के विशिष्ट प्रशिक्षण हेतु क्षमतावर्धन केन्द्र की स्थापना करना।
– समूह जल प्रदाय योजनाओं में बिजली की आवश्यकता हेतु पर्याप्त क्षमता के नवकरणीय ऊर्जा प्लांट स्थापित करना।
– जल की गुणवत्ता हेतु प्रयोगशालाओं का NABL से मान्यता को निरंतर रखने का लक्ष्य।