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ग्राम पंचायत में मनरेगा व आवास योजना में हुए कथित घोटाले को लेकर भेजी पत्रावली

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर के अलावा सात कार्यालयों को भेजी शिकायत। 22 एन टी आर ग्राम पंचायत में मनरेगा व आवास योजना में हुए कथित घोटाले को लेकर भेजी पत्रावली। प्रदीप शर्मा नोहर नोहर पंचायत समिति के अधीन ग्राम पंचायत 22 एन टी आर में महारेगा व प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए कथित घोटाले को लेकर नोहर उपखंड के जागरूक नागरिक मदनलाल सैनी ने 100 पेज की एक पत्रावली मय सबूत महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय राजस्थान जयपुर को प्रेषित की गई हैं। पत्रावली की प्रति मुख्य सचिव राजस्थान सरकार जयपुर,मुख्य मंत्री राजस्थान सरकार जयपुर, गृह मंत्री राजस्थान सरकार जयपुर,पंचायतीराज मंत्री राजस्थान सरकार जयपुर,प्रमुख शासन सचिव कार्मिक विभाग राजस्थान जयपुर को भेजी गई हैं। पत्रावली की एक प्रति मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद हनुमानगढ़ को सूचनार्थ भेजी गई हैं। इसी क्रम में पत्रावली की एक प्रति जांच हेतू पुलिस अधीक्षक केंद्रीय जांच ब्यूरो जोधपुर को प्रेषित की गई हैं। शिकायती परिवाद में तथ्यों के साथ सरकार को अवगत करवाया गया है कि ग्राम पंचायत 22 एन टी आर नोहर में प्रधान मंत्री आवास योजना में अपात्र लोगों को लाभ दिया गया है, जिन लोगों के कोठीनुमा मकान है,घर में ए सी लगी है ,बिना मकान बनाए भुगतान किया गया है,साधन सम्पन्न लोगो को लाभ पहुंचाया गया हैं। बताया गया है कि जांच समिति द्वारा प्रथम दस आवासों का निरीक्षण किया गया तो दस के दस लाभार्थी अपात्र पाए गए तो जांच समिति ने टिपण्णी की कि राशि वसूली योग्य है। जो कि राजकोषीय राशि का गबन है और राजकोषीय राशि का दुरुपयोग है और राजकोषीय राशि की बंदरबांट भी हैं। विशेष रूप से दोषियों के खिलाफ राज्यहित में कानूनी कार्यवाही की मांग की हैं। साथ ही लिखा गया है कि जांच भी अपूर्ण है इसलिए पूर्ण जांच की भी मांग की गई हैं। मनरेगा घोटाला के संबंध में सरकार को अवगत करवाया गया है कि ग्राम पंचायत 22 एन टी आर नोहर में मनरेगा योजना में फर्जी हाजिरी लगाई गई है ,फोटो जालसाजी की गई है ,पद का दुरुपयोग किया जाकर राजकोषीय हानि कारित की गई है! परिवाद में लिखा गया है कि जांच समिति द्वारा जांच में दोष प्रमाणित किया गया है व राजकोषीय वसूली की टिप्पणी की गई है,इतना ही नहीं, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद हनुमानगढ़ द्वारा वाकायदा आदेश जारी किए गए है कि दोषियों के खिलाफ की जाने वाली कार्यवाही के प्रस्ताव भिजवाए जाएं,लेकिन विकास अधिकारी पंचायत समिति नोहर द्वारा कार्यवाही लंबित रखी गई है,जिसके संदर्भ में विकास अधिकारी सहित मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद हनुमानगढ़ के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग की गई हैं। आरोप है कि विकास अधिकारी पंचायत समिति नोहर द्वारा नोटिस जारी कर घोटाले की इति श्री की जा रही है,जबकि मामले में राजकोषीय हानि,राजकोषीय गबन,राजकोषीय बंदरबांट,राजकोष में सेंधमारी पद के दुरुपयोग जैसे जुर्म प्रमाणित हैं। परिवादी का कथन है कि सरकार द्वारा उचित कार्यवाही अमल में नहीं लाई जाती है तो भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय की शरण ली जाकर राज्य हित में कार्यवाही की मांग की जाएगी।

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