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जलमीनार बंद होने के कारण दूषित जल पीने को विवश ग्रामीण

सिलीदाग पंचायत पूरे प्रखंड में पर्याप्त जल उपलब्धता के लिए जाना जाता है, लेकिन गिरते जल स्तर से जन-जीवन अस्त व्यस्त होने लगा है

संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा का रिपोर्ट गढ़वा

रमना  से

सिलीदाग पंचायत पूरे प्रखंड में पर्याप्त जल उपलब्धता के लिए जाना जाता है, लेकिन गिरते जल स्तर से जन-जीवन अस्त व्यस्त होने लगा है। सरकारी योजनाओं और पंचायती योजना दोनों ही जल संरक्षण और जल उपलब्धता पर लाखों-करोड़ों खर्च कर रही है लेकिन सब केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गई है हकीकत कुछ और ही है।

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सिलीदाग पंचायत के विद्यालय टोला में लगा सोलर जलमीनार गत वर्षो से ख़राब है। इसकी शिकायत उक्त टोला के ग्रामीणों ने मुखिया से किया लेकिन अभी तक कोई भी कारगर पहल नहीं हुआ। यह जलमीनार से कुछ घरों को छोड़ कर लगभग 40-50 घर के परिवार पानी पीने को विवश है। इसी प्रकार यदि चलता रहा तो आने वाले प्रथम बरसात में इस मोहल्ला के लोगां को कई प्रकार के बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीण रजमातिया कुंवर ने कहा कि हमनी एक वर्ष से पानी बीना परेशान हिया। पिए और नहाय धोवाय में बड़ी तकलीफ बा। उमेश कुमार ने कहा कि यह जलमीनार गत एक वर्ष से ख़राब है, जिसकी सूचना हमलोगों ने मुखिया को दिया। एक बार नल मिस्त्री आया और इसका स्टार्टर खराब होने की बात बताया जिसको खोल कर मुखिया जी के पास रखने की बात कहा। जिसका वर्षो हो गया लेकिन जल मीनार ठीक नहीं हुआ। हमलोग वर्षो से बंद पड़े हैंडपम्प से पानी पीने को विवश है। जिससे साफ जल नहीं आता।

 

इस सम्बन्ध में पूछे जाने पर मुखिया अनीता देवी ने बताई की ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना दी गयी थी। जिसके लिए हमने नल मिस्त्री को भेजा था। इस जल मीनार का स्टार्टर ख़राब होने की बात बतायी गई है। इसके लिए हमने विभाग को सूचित किया था। एक सप्ताह के अंदर उक्त ख़राब जल मीनार चालू हो जायेगा।

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