A2Z सभी खबर सभी जिले कीमध्यप्रदेश

ग्वालियर-एक नवजात व दो बच्चियों को रेलवे स्टेशन पर सोता छोड़ गए मां-बाप

ग्वालियर-रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक एक के सर्कुलेटिंग एरिया में बने रैंप पर दो माह के नवजात बच्चे और दो बच्चियों को माता-पिता सोता छोड़कर चले गए। शुक्रवार की देर रात जब बच्चियों की नींद टूटी, तो वे माता-पिता की तलाश में भटकने लगे। आते-जाते यात्रियों से वे अपने माता-पिता के बारे में पूछने लगे। वहां मौजूद आटो चालकों ने आरपीएफ के जवानों को मामले की सूचना दी। आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और बच्चियों से माता-पिता के बारे में पूछा। इस दौरान चादर ओढ़कर सोए नवजात को जब उठाया, तो उसके पेट से लेकर जांघ तक पर जख्म देखकर उसे तत्काल केआरएच में इलाज के लिए भर्ती कराया। वहीं बच्चियों को महिला बाल विकास के अंतर्गत बालिका गृह भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की रात को रेलवे स्टेशन के बाहर रैंप पर दो बच्चियां व एक नवजात शिशु लेटे हुए थे। इस थोड़ी देर में बच्चियां रोने लगीं, तो वहां खड़े आटो वालों का ध्यान गया। इसी बीच आरपीएफ के उपनिरीक्षक शैलेंद्र ठाकुर, आरक्षक उमेश शर्मा और भावना मोदी गश्त करते हुए पहुंचे। आटो वालों ने आरपीएफ को बताया के शाम छह बजे तक बच्चों के साथ माता-पिता थे, लेकिन उसके बाद गायब हो गए। आरपीएफ के जवानों ने जब बच्चों से माता-पिता के बारे में पूछा, तो वे कुछ नहीं बता पाए। सिर्फ यह कहा कि मां ने बाबू (नवजात शिशु) का ख्याल रखने और समय-समय पर दूध पिलाने के लिए कहा था।

बच्चियों ने अपना नाम अंजलि और अर्पिता बताया। आरपीएफ के जवानों ने जब नवजात शिशु को देखा, तो वह कुपोषित नजर आया। उसके पेट से लेकर जांघ तक के हिस्से में जलने का निशान मिला। इसके बाद उन्होंने तत्काल बच्चे को कमलाराजा अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं महिला बाल विकास विभाग से राहुल पाठक को मामले की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने महिला बाल विकास समिति के कार्यकर्ता सौरभ गुप्ता के माध्यम से दोनों बच्चियों को मां कैला देवी बालिका गृह भेज दिया।

Related Articles
Show More
Back to top button