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गोरखपुर ,समय बद्धता, नियमितता एवं बैठक से गतिशील होता है संगठन –डां.अनिल कुमार सिंह दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन( मीटिंग हॉल) में भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख और पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पालक अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार सिंह जी ने भारतीय शिक्षण मंडल गोरक्ष प्रांत के कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए उक्त बातें कहीं।

गोरखपुर ,समय बद्धता, नियमितता एवं बैठक से गतिशील होता है संगठन –डां.अनिल कुमार सिंह

दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन( मीटिंग हॉल) में भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख और पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पालक अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार सिंह जी ने भारतीय शिक्षण मंडल गोरक्ष प्रांत के कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने अपने मार्गदर्शन के ही क्रम में यह बताया कि भारतीय शिक्षण मंडल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक अनुषांगिक संगठन के रूप में रामनवमी विक्रमी 2026 युगाब्ध 5021 सन 1969 से शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। इसमें जुड़ने वाले शिक्षक चाहे वह बेसिक से हो या माध्यमिक से हो या फिर उच्च शिक्षा से हों,सभी अपने अनुभव एवं कर्तव्य निष्ठा से लगातार भारतीय शिक्षण मंडल के उद्देश्यों को पूर्ण करने में अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं। डॉ अनिल कुमार सिंह ने भारतीय शिक्षण मंडल के कार्य विस्तार हेतु कार्यकर्ताओं को सूत्र बतायें जो निम्नलिखित हैं-
1– साप्ताहिक मंडल में बैठना एवं पूर्व निर्धारित विषय पर चर्चा करना।
2- मंडल सदस्य और मंडल संख्या को बढ़ाना।
3–शिक्षा के विषय एवं संस्कृति के विषय से संबंधित समस्याओं पर विचार करना।
4– मंडल की नियमित संचालन ।
5–मंडल के चर्चा को लेख के रूप में प्रकाशन हो।
डॉ अनिल कुमार सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के निर्माण एवं क्रियान्वयन में भारतीय शिक्षण मंडल के योगदान को कार्यकर्ताओं के सम्मुख रखा जिससे भारतीय शिक्षण मंडल का शिक्षा जगत में विशिष्ट उपयोगिता स्पष्ट हुई।
उन्होंने बताया कि संगठन का साहित्यिक पक्ष जितना मजबूत होगा और जितने भी लेखन कार्य के दक्ष शिक्षक संगठन से जुड़े हैं उनकी प्रतिभा का भी प्रदर्शन समय-समय पर होता रहेगा। प्रदीप सिंह ने बताया कि भारतीय शिक्षण मंडल युवा आयाम द्वारा आगामी 17 अप्रैल से देश भर में शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा । “विजन फार विकसित भारत” विषय पर आयोजित शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता में सम्मिलित होने वाले प्रतिभागियों की सहायता हेतु विशेषज्ञों द्वारा आनंदशाला आयोजित किया जाएगा जिसमें शोध पत्र कैसे लिखे(How to Write Research paper) सिखाया जाएगा।प्रांत स्तर पर चयनित शोधार्थी 15 ,16 ,17 नवंबर को दिल्ली में अखिल भारतीय शोध समागम में सम्मिलित होंगे। इस बैठक में अलग-अलग जिलों से आए हुए कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। इस बैठक का संचालन गोरक्ष प्रांत संयोजक एवं संत विनोवा स्नातकोत्तर महाविद्यालय देवरिया के प्राचार्य डॉक्टर अर्जुन मिश्रा ने किया । बैठक में भारतीय शिक्षण मंडल के ध्येय श्लोक तथा ध्येय वाक्य का भी वाचन किया गया। प्रो. ममता मणि त्रिपाठी द्वारा आभार ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ रविंद्र नाथ शुक्ला ,प्रो.अनिल कुमार सिंह ,डॉ विजयानंद मिश्र,प्रो.शरद मिश्र,सचिन सिंह,अशोक कुमार शुक्ला ,डॉ सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव,प्रो कौस्तुभ नारायण मिश्र,डॉ अजय कुमार सिंह,डॉ अर्जुन सोनकर, डॉ ईश्वर चंद जायसवाल,अनंत तिवारी,डॉक्टर अनुज कुमार राय ,डॉ अजय कुमार श्रीवास्तव, डॉ ममता सिंह, इतेंद्र धर दुबे,गंगेश पाण्डेय ,डॉक्टर अशोक शुक्ला, डॉ जितेंद्र कुमार मिश्रा, ऋचा सिंह ,कृष्ण मोहन मल्ल,डॉ देवेश कुमार, अखिलेश पांडे ,विशाल जायसवाल, अरविंद कुमार मौर्य ,आलोक कुमार कुशवाहा, शिवम,अमन,प्रदीप दीक्षित आदि उपस्थित रहें।

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