महिला-नवजात की मौत के बाद ब्रह्मदेव अस्पताल सील, अस्पताल संचालक मौके से फरार
बरेली के थाना अलीगंज गैनी स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल में प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत के मामले में डिप्टी सीएमओ सुचिता गंगवार ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंचकर दोपहर करीब सवा एक बजे अस्पताल को सील कर दिया। उधर, कार्रवाई की जानकारी मिलते ही अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया।
शनिवार को ब्रह्मदेव अस्पताल में प्रसव के बाद महिला और उसके नवजात की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
जोगीठेर गांव निवासी द्वारका प्रसाद के मुताबिक, उनकी 21 वर्षीय पत्नी रिंकू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा कार्यकर्ता के कहने पर गैनी स्थित ब्रह्मदेव अस्पताल ले जाया गया था। झोलाछाप से प्रसव कराने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में योग्य चिकित्सक के बजाय झोलाछाप और अप्रशिक्षित कर्मचारियों ने प्रसव कराया।
प्रसव के बाद नवजात को मृत बताया गया। इसके बाद रिंकू देवी की हालत बिगड़ने लगी, आरोप है कि उसे समय रहते रेफर नहीं किया गया।
शाम को अत्यधिक रक्तस्राव होने से अस्पताल जाते समय रास्ते में महिला की भी मौत हो गई। कार्रवाई की आहट से दूसरे मेडिकल स्टोरों में भी हलचल
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ब्रह्मदेव अस्पताल पहुंची तो कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई।
टीम के पहुंचने की भनक लगते ही गैनी गांव में अन्य मेडिकल स्टोरों के शटर गिरने लगे। जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
महिला और नवजात की मौत के मामले में अस्पताल को सील किए जाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की जांच पर निगाहें टिकी हैं।
यह अस्पताल पंजीकृत नहीं था और यहां झोलाछाप डॉक्टर काम कर रहे थे इस कारण यह कार्यवाही की गई है। वहीं मृतका के पति का कहना है कि थाने में तहरीर दे दी गई है।
