जौनपुर (संवाददाता मनोज कुमार):
जनपद में भारी बरसात और अर्नब चक्रवात के चलते फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए कृषि विभाग ने बीमित किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति का लाभ पाने के लिए किसानों को फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य किया गया है।
इसके लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर समेत कई डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराए हैं। उप परियोजना निदेशक (आत्मा) ने दी जानकारी
उप परियोजना निदेशक (आत्मा) कृषि प्रसार सुधार ने बताया कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बीमित किसानों को समय पर राहत पहुंचाने और दावा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा कई माध्यम सक्रिय किए गए हैं।
किसान फसल क्षति की सूचना दर्ज कराने या योजनाओं की जानकारी के लिए इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
टोल फ्री नंबर: किसान 14447 पर कॉल करके 72 घंटे के अंदर अपनी फसल क्षति की जानकारी दर्ज करा सकते हैं। व्हाट्सएप चैटबॉट: किसान व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर मैसेज भेजकर भी सूचना साझा कर सकते हैं।
मोबाइल ऐप: 'क्रॉप इंश्योरेंस ऐप' (Crop Insurance App) के माध्यम से भी नुकसान का विवरण अपलोड किया जा सकता है। आधिकारिक पोर्टल: योजनाओं की विस्तृत और आधिकारिक जानकारी के लिए किसान pmfby.gov.in पर लॉगिन कर सकते हैं।
समस्या आने पर उप कृषि निदेशक कार्यालय या बीमा कंपनी से करें संपर्क
कृषि विभाग के अनुसार, यदि किसानों को डिजिटल माध्यमों से सूचना दर्ज कराने में किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो वे तुरंत अपने जनपद के उप कृषि निदेशक (DD Agriculture) कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, जनपद में कार्यरत एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी (SBI General Insurance) के स्थानीय प्रतिनिधियों से भी सीधे मिलकर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रभावित किसानों को बिना किसी देरी के पारदर्शी तरीके से आर्थिक सुरक्षा और राहत प्रदान करना है।
