मुंबई में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कांदिवली एंटी नारकोटिक सेल को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंधेरी-वर्सोवा क्षेत्र में विशेष कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से लगभग 323 ग्राम हीरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 64 लाख रुपये बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांदिवली एंटी नारकोटिक सेल के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (SNR PI) राहुल लोखंडे और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त करने वाले हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की योजना तैयार की और एक विशेष टीम का गठन किया। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अंधेरी के वर्सोवा इलाके में निगरानी शुरू की।
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने बताए गए स्थान पर जाल बिछाया। कुछ समय बाद दो संदिग्ध व्यक्ति वहां पहुंचे और उनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों व्यक्ति संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को उनके पास से एक पैकेट मिला, जिसमें सफेद रंग का संदिग्ध पाउडर भरा हुआ था।
जांच के दौरान यह पदार्थ हीरोइन पाया गया। बरामद मादक पदार्थ का वजन लगभग 323 ग्राम निकला।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई हीरोइन की अनुमानित कीमत करीब 64 लाख रुपये है। पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
इसके बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई। कांदिवली एंटी नारकोटिक सेल के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई मुंबई में नशे के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी यह मादक पदार्थ कहां से लेकर आए थे और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को शक है कि इस मामले का संबंध किसी बड़े ड्रग्स सिंडिकेट से हो सकता है। इसी वजह से आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं या नहीं। मुंबई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के अंतर्गत हाल के महीनों में कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयां की गई हैं।
विभिन्न इलाकों से करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं और अनेक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि नशे का कारोबार युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहा है और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाना आवश्यक है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व करने वाले SNR PI राहुल लोखंडे और उनकी टीम की सराहना की जा रही है। गुप्त सूचना को सटीक तरीके से विकसित कर योजनाबद्ध कार्रवाई करने के कारण यह सफलता प्राप्त हुई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी और नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण समाज और युवाओं के हित में आवश्यक है। नागरिकों ने उम्मीद जताई कि पुलिस आगे भी ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करती रहेगी।
फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हीरोइन की खेप मुंबई में किस उद्देश्य से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मुंबई पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या मादक पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
पुलिस का कहना है कि समाज और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से ही नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। इस प्रकार कांदिवली एंटी नारकोटिक सेल द्वारा की गई यह कार्रवाई मुंबई में नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
64 लाख रुपये मूल्य की 323 ग्राम हीरोइन की बरामदगी और दो आरोपियों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पूरी सतर्कता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।